Ranchi: राजधानी रांची के निजी स्कूलों द्वारा मनमाना फीस बढ़ाने और इसे लेकर अभिभावकों से मिली शिकायतों पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरु कर दी है. जिले के 80 स्कूलों के प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है.
उल्लेखनीय है कि सोमवार को रांची के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में जिले के निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक हुई, जिसमें कई फैसले लिए गए.
बैठक में कहा गया कि सभी निजी स्कूलों को तीन दिन के भीतर अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन करना होगा. अब तक केवल 13 स्कूलों ने ही यह प्रक्रिया पूरी की है, जिस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई. साथ ही, हर स्कूल में शुल्क समिति बनाना भी अनिवार्य किया गया है.
फीस बढ़ोतरी को लेकर भी नियम तय किए गए हैं. स्कूल 10% तक ही फीस बढ़ा सकेंगे, इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति की अनुमति जरूरी होगी.स्कूलों को 20 अप्रैल तक पिछले तीन वर्षों और चालू सत्र की फीस का पूरा ब्योरा देना होगा.
प्रशासन ने कहा कि अगली कक्षा में प्रमोशन के नाम पर पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जा सकेगा और किसी भी छात्र को परीक्षा से वंचित करना गैरकानूनी होगा.
किताब और यूनिफॉर्म को लेकर भी फैसला
इसके साथ ही जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसर में किताब और ड्रेस की बिक्री पर रोक रहेगी. अभिभावक कहीं से भी खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे. CBSE स्कूलों को केवल NCERT की किताबें लागू करनी होंगी. उपायुक्त ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर 50 हजार रुपए से 2.5 लाख रुपए तक जुर्माना और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है. बैठक में 272 में से 192 स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि अनुपस्थित स्कूलों को नोटिस जारी किया जाएगा.

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