में करीब 7 लाख और रांची में 1.88 लाख घर बिना नक्शे के, SC के आदेश के बाद नहीं होगा वैध!
पुलिस की ओर से नहीं मिला सहयोग, एफआईआर में स्कूल प्रबंधन को बचाया गया
छात्र की मां ने बात करते हुए कहा कि सबसे पहले मैंने स्कूल के प्रिंसिपल से इसकी शिकायत की. लेकिन उनकी तरफ से किसी तरह का सहयोग और कार्रवाई नहीं की गई. जिसके बाद बच्चे को लेकर मेसरा टीओपी में शिकायत दर्ज कराने के लिए दो दिनों तक परेशान होना पड़ा. वहीं टीओपी में कई बार मेरे चार वर्षीय बच्चे से बयान लिया गया. किसी तरह पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन स्कूल प्रबंधन के किसी व्यक्ति को इस पूरे मामले में शामिल नहीं किया है. जबकि हम अपने बच्चे को स्कूल पर भरोसा जता कर भेजते हैं. इसके साथ स्कूल वैन से ही बच्चे का आना जाना हुआ करता था. लेकिन उसके बावजूद पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को बचाने की पूरी कोशिश की है.होगी उचित कार्रवाई - आयोग
झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग के सदस्य उज्जवल प्रकाश तिवारी ने कहा कि इस घटना को लेकर आयोग गंभीर है. मामला संज्ञान में आया है, आयोग उचित कार्रवाई करने के साथ बच्चे परिवार से मिलने का काम करेगा. वहीं अगर बच्चे के परिवार के लोग सुरक्षा की मांग करते हैं, तो आयोग की तरफ से उनके परिवार को सुरक्षा व्यवस्था मुहैया करायी जाएगी. इसे भी पढ़ें -उषा">https://lagatar.in/usha-martin-mining-scam-the-then-mining-director-indradev-paswan-surrendered-in-cbi-court/">उषामार्टिन माइनिंग घोटाला : तत्कालीन खनन निदेशक इंद्रदेव पासवान ने CBI कोर्ट में किया सरेंडर [wpse_comments_template]
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