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रांची ईडी ने 308 करोड़ के Maxizone चिटफंड घोटाले में चार्जशीट दाखिल किया

Ranchi : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 500 करोड़ रुपये के Maxizone चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र (Prosecution Complain) दायर किया है. ईडी ने इस घोटाले में कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उसकी पत्नी प्रियंका सिंह को आरोपित किया है. चंद्रभूषण सिंह मूलतः बिहार के वैशाली जिले का निवासी है. ईडी ने उसे अंतर्राज्यीय ठग के रूप में चिह्नित किया है.
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Ranchi : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 308 करोड़ रुपये के Maxizone चिटफंड घोटाले में आरोप पत्र (Prosecution Complain) दायर किया है. ईडी ने इस घोटाले में कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उसकी पत्नी प्रियंका सिंह व मैक्सीजोन कंपनी को आरोपित किया है. चंद्रभूषण सिंह मूलतः बिहार के वैशाली जिले का निवासी है. ईडी ने उसे अंतर्राज्यीय ठग के रूप में चिह्नित किया है.

 

ईडी की ओर से पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में दायर Prosecution Complain में इन अभियुक्तों पर 500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर मनी लाउंड्रिंग का आरोप लगाया गया है. इसके साथ ही ईडी ने कोर्ट से अभियुक्तों द्वारा मनी लाउंड्रिंग के सहारे खरीदी गयी संपत्ति को कुर्क करने का अनुरेध किया है. 

 

कोर्ट में दायर रिपोर्ट में कहा गया है कि Maxizone चिटफंड कंपनी के रूप में रजिस्टर्ड नहीं थी. यह कंपनी Maxizone tech Pvt. Limited के नाम से रजिस्टर्ड थी. कंपनी का काम मार्केटिंग करना था. लेकिन यह कंपनी गलत तरीके से लोगों से पैसों का निवेश कराने लगी. इसके लिए कंपनी की ओर से निवेशकों को कम समय में बेहतर रिटर्न देने का वायदा किया गया. 

 

निवेशकों को आकर्षित करने और अपनी साख बनाने के उद्देश्य से कंपनी ने कुछ लोगों को कम समय में 15% से 20% तक रिटर्न दिया. इससे कंपनी के प्रति आकर्षण बढ़ा और लोगों ने निवेश करना शुरू किया. निवेशकों को अपने जाल में फंसाने के बाद कंपनी के निदेशकों ने अल्प आय वर्ग के लोगों से कई सौ करोड़ रुपये का निवेश करवाया. इसके बाद सभी स्थानों से अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गया. 

 

फरार रहने की अवधि में चंद्रभूषण सिंह और उसकी पत्नी हमेशा अपना ठिकाना बदलते रहे. बाद में चंद्रभूषण ने अपना नाम बदल कर दीपक सिंह कर लिया. इस नये नाम से संबंधित फर्जी दस्तावेज बनवाया और नोएडा में रहने लगा. अगस्त 2025 में उसे नोएडा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया.

 

झारखंड प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग के मामले की जांच जमशेदपुर के साकची थाने में दर्ज प्राथमिकी को ECIR के रूप में दर्ज करने के बाद शुरू की. जांच के दौरान ईडी ने पहली बार सितंबर 2025 में चंद्रभूषण से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा. ईडी ने सितंबर में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, बनारस, देहरादून और वैशाली में छापा मारा. 

 

चंद्रभूषण सिंह बिहार के वैशाली जिले का मूल निवासी है. उसने अपने गृह जिले के अल्प आय वर्ग के लोगों को भी झांसा देकर ठगा. ईडी द्वारा पहले की गयी छापामारी में मिले तथ्यों के आधार पर आगे की जांच के लिए चार दिसंबर 2025 को दूसरी बार छापा मारा था.

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