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रांची : आठ लाख लोग नौ दिनों से झेल रहे हैं जलसंकट, चरमराई जलापूर्ति व्यवस्था

  • पेयजल विभाग गर्मी में आउटसोर्सिंग एजेंसी के भरोसे
  • एजेंसी ऑपरेशन-मेनेटेंनस में साबित हो रही है विफल
Kaushal Anand Ranchi : गर्मी शुरू होते ही शहर में जलसंकट शुरू हो गया है. रूक्का डैम से आपूर्ति होने वाले क्षेत्रों में 8 लाख लोग विगत 29 मार्च से जलसंकट झेल रहे हैं. रांची में ड्राइ जोन वाले क्षेत्रों में जलसंकट और अधिक बढ़ गया है. पूरी निर्भरता सरकारी बोरिंग व पानी टंकी पर हो गयी है. हालात की गंभीरता इसी से समझा जा सकता है कि लोग सुबह से ही बोरिंग- पानी टंकी के पास कतार में लग जा रहे हैं. विभाग द्वारा कई तरह के दावे किए जाते हैं, मगर गर्मी आते ही सारा दावा फेल हो जाता है. यही हाल इस साल भी देखने को मिल रहा है. एजेंसी के अनुसार अभी एक- दो दिन कई क्षेत्र में जलसंकट रहेगा. इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो पाएगी.

दावा- इन कारणों से पानी आपूर्ति बाधित

रूक्का- बूटी डिवीजन में आउटसोर्सिंग का काम देख रही एजेंसी एपीसीएल के प्रोजेक्ट इंचार्ज कमल ने बताया कि 29 मार्च को एनसीसी कैंप के पास केबल काट दिया गया. 30 मार्च को रामनवमी जुलूस के कारण आठ से दस घंटे बिजली कटी रही. 31 मार्च को आंधी-पानी के कारण प्लांट के बिजली सबस्टेशन का पोल और तार गिर गए. इसके बाद रूक्का मोड़ में गोलचक्कर निर्माण के दौरान एक पाइप लाइन चेंज करने की जरूरत थी. इसके कारण दो दिन संकट रहा. हटिया-डीबडीह लाइन को लेकर रूक्का में एक ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है. इन सब कारणों से किसी न किसी क्षेत्र में वाटर सप्लाई बाधित हुई है. शुक्रवार सुबह तक काम पूरा हो जाएगा. इसके दो दिन बाद पूरे शहर की वाटर सप्लाई नॉर्मल हो जाएगी.

आउटसोर्सिंग एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल

झारखंड के बाहर की कंपनी एपीसीएल को रूक्का डैम का वाटर ट्रीटमेंट और ऑपरेशन-मेटनेंनस का काम दिया गया. तीन साल के लिए 28 करोड़ में एजेंसी को काम दिया गया है. मगर काम शुरू करने के बाद से ही एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं. एजेंसी किसी भी समस्या का त्वरित निष्पादन करने में विफल रही है. इंजीनियर भी एजेंसी की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं. पूरी व्यवस्था आउटसोर्सिंग एजेंसी को दे दिया है और पेयजल अफसर एजेंसी का मुंह ताकते रहते हैं. इसके कारण लोगों को समस्या और संकट झेलना पड़ता है.

इन क्षेत्रों में गंभीर पेयजल संकट

गर्मी के दिनों में कुछ एरिया ऐसे हैं, जो ड्राई जोन में आते हैं. यहां पर एक दिन भी वाटर सप्लाई न हो तो गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है. रातू रोड, पिस्का मोड़, मधुकम, किशोर गंज, हरमू, आनंद नगर, पहाड़ी मंदिर एरिया, कुम्हार टोली, कैलाश नगर, मोरहाबादी, हिंदपीढ़ी, मेन रोड, बहू बाजार, कांटा टोली, कोकर, थड़पखना, पत्थलकुदवा, लालपुर एरिया में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है. रूक्का से विगत 30 मार्च से आए दिन किसी न किसी क्षेत्र में वाटर सप्लाई बाधित रह रही है. जिसके कारण पिछले 9 दिन से पूरे शहर में गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो चुका है. अगर वाटर सप्लाई होती भी है, तो 10 से 15 मिनट के लिए. प्रेशर इतना कम कि पानी आना न आना बराबर है.

दो दिन में पूरे शहर की वाटर सप्लाई सामान्य हो जाएगी

29 मार्च से किसी न किसी कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हो रही है. जिसके कारण समस्या आ रही है. हमलोग एजेंसी से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. एक से दो दिन में पूरे शहर की वाटर सप्लाई सामान्य हो जाएगी.

-राधेश्याम रवि, ईई बूटी-रूक्का

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