Ranchi: परीक्षा विद्यार्थियों के अध्ययन को आकलन करने का एक जरिया मात्र है. यह कभी भी तनाव का कारण नहीं बनना चाहिए. यह बात केंब्रियन पब्लिक स्कूल की प्राचार्य डॉ नीता पांडेय ने कही. दरअसल स्कूल परिसर में `परीक्षा पे चर्चा 2024` के तहत आयोजित कार्यक्रम हुआ. इसमें डॉ नीता ने कहा कि परीक्षाएं सिर्फ पड़ाव है. यदि इसमें व्यक्ति असफल हो भी जाए तो उसे पुनः नए सिरे से आरंभ करना चाहिए. उन्होंने दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को परीक्षा में सफलता की शुभकामनाएं दी. इससे पहले परीक्षा पे चर्चा- 2024 के तहत 12 जनवरी से 23 जनवरी तक विद्यालय में मैराथन रन,पोस्टर मेकिंग ,स्टूडेंट एंकर स्टूडेंट गेस्ट, योग सह ध्यान सत्र ,प्रातः कालीन सभा में संभाषण सहित कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. बच्चों ने परीक्षा और उसमें प्राप्त सफलता पर आधारित एक भावपूर्ण गीत भी प्रस्तुत किया. एक्टिविटी कोऑर्डिनेटर आशा राज ने ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता एवं उपयोगिता पर प्रकाश डासा. कहा कि इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है तथा वे किसी भी चुनौती का सामना सहजता पूर्वक कर पाते हैं. बच्चों ने शिक्षिका मीनू सहाय, विनीता वर्मा ,सुषमा तिवारी, आभा सहाय, शारदा सुमन ,परिणीता राय, सोना प्रसाद,अलका घोष, सतीश कुमार मिश्रा,निरंजन शर्मा, स्वाति सिन्हा,सुब्रत चटर्जी और अर्शी एथल मिंज के निर्देशन में कार्यक्रमों को प्रस्तुत किया गया. [wpse_comments_template]
रांचीः परीक्षा स्टूडेंट्स के अध्ययन के आकलन का है जरिया, इसे ना बनाएं तनाव का कारण- डॉ नीता
Last Updated: Jan 23, 2024 12:00 AM (IST)