Ranchi : एचईसी को तालाबंदी से बचाने के लिए 5 यूनियनों ने निगम के अंदर जाकर आंदोलन करने का फैसला लिया है. विदित हो कि एचईसी बचाओ मज़दूर जन संघर्ष समिति में शामिल हटिया मज़दूर लोक मंच, एचईसी Ltd श्रमिक कर्मचारी यूनियन, हटिया कमगार यूनियन एटक, एचईसी श्रमिक संघ, जनता मज़दूर यूनियन की बैठक 4 मार्च सोमवार को हुई, जिसमें एचईसी प्रबंधन द्वारा काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश निर्गत किया गया है, इस पर चर्चा की गई. यानी कल से जो कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं जायेंगे उनका वेतन नहीं बनेगा. इसके बाद भी लंबे समय तक हड़ताल जारी रहा तो निगम में तालाबंदी की संभावना बढ़ेगी. क्योंकि चल रहे हड़ताल को श्रम विभाग ने गैर कानूनी साबित कर दिया है. ऐसे ही बगैर नोटिस के 1987 में 72 दिनों की हड़ताल एचईसी में हुई थी. जिसमें काम नहीं तो पैसा नहीं को लागू करने के बाद निगम में तालाबंदी की गई थी. इसी तरह की तालाबंदी इस बार भी न हो इससे बचने के लिए पांचों यूनियन ने सर्व सम्मति से फैसला लिया कि मंगलवार 5 मार्च से सभी कर्मचारी, सभी अधिकारी और ठेका मज़दूर कारखाने को तालाबंदी से बचाने के लिए अंदर जाएं और गेट के अंदर लंबित मांगों को आंदोलन करें. जैसे सितंबर 2023 से फरवरी 2024 तक ठेका का नियमितिकरण, 1 मार्च से नए ठेकेदार की बहाली करना, ईएसआई के बकाये पैसे का भुगतान करना, कर्मचारियों का बोनस तथा 2018 में बहाल किए गए कर्मचारियों का अविलंब प्रमोशन निकालना, बकाये वेतन का भुगतान करने के लिए आंदोलन तीनों प्लांट के गेट के अंदर से जारी रहेगी. इस बैठक में मुख्य रूप से लालदेव सिंह, प्रकाश कुमार सिंह, संजय सिन्हा, बिमल महली, राम कुमार नायक, शनि सिंह, कसवीर महतो, एसजे मुखर्जी, एमपी रामचन्द्रन, रामेंद्र कुमार आदि लोग मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : मंच">https://lagatar.in/kalpana-soren-became-emotional-on-stage-said-delhiites-have-no-heart-public-will-take-account/">मंच
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