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रांचीः वन संरक्षण अधिनियम आदिवासियों के लिए डेथ वारंट के समान– राजेश कच्छप

 

यूसीसी वन संरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर सेमिनार का आयोजन

Ranchi: नामकुम के लोवाडीह में मंगलवार को यूसीसी वन संरक्षण संशोधन अधिनियम को लेकर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खिजरी विधायक राजेश कच्छप और विशिष्ट अतिथि कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोंनगाडी थे. राजेश कच्छप ने कहा कि यदि डिलिस्टिंग हुआ तो झारखंड के अधिकतर  विधानसभा की आरक्षित सीट खत्म हो जाएगी. वन संरक्षण अधिनियम आदिवासियों के लिए डेथ वारंट के समान है. समय की मांग है कि आज आदिवासी समाज एकजुट रहे. कहा कि देश में समान नागरिकता संहिता नहीं चल सकता है. इसे पढ़ें-रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-murder-of-sikh-youth-in-chhattisgarh-is-condemnable-action-should-be-taken-against-the-culprits-matharu/">रांचीः

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वहीं विधायक नमन विक्सल कोंनगाडी ने कहा कि वन संरक्षण अधिनियम लागू होने से जनजाति व अन्य वन निवासियों का अधिकार खत्म हो जाएगा. कहा कि पहले ही अधिनियम 2006 पेसा कानून सीएनटी एक्ट एसपी एक्ट विल्किंसन रूल इत्यादि का महत्व खत्म कर दिया गया है. आज रक्षा के निर्माण हेतु 10 हेक्टेयर और जनहित पैरा मिलिट्री फोर्स के लिए 5 हेक्टेयर जंगल भूमि लेने का प्रावधान कर दिया गया है. अगर जंगल नहीं बचेंगे तो आदिवासी नहीं बचेंगे. कार्यक्रम का संचालन पुष्पिका मिंज ने किया. मौके पर कुलभूषण डुंगडुंग, अनिल पन्ना, अलेक्स लकड़ा, अलका टोप्पो, सरिता कुजूर, लुईसा टोप्पो, प्रेम मिंज, किशोरी लकड़ा सहित अन्य उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें-रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-vice-chancellor-of-sarala-birla-university-met-the-governor-gave-invitation/">रांचीः

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