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रांचीः गोल के एमडी विपिन सिंह ने छात्रों को दिये नीट क्वालीफाई करने के टिप्स

Ranchi: गोल संस्थान ने सेमिनार का आयोजन किया. इसके मुख्य वक्ता संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन सिंह रहे. उन्होंने नीट क्वालीफाई करने को लेकर कई टिप्स दिये. उसके बाद उन्होंने कहा कि नीट 2024 के लिए छात्रों के पास मात्र 75 दिन शेष रह गए है. ऐसे में मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह जानना आवश्यक हो जाता है कि अंतिम समय में अपने तैयारी को अंतिम रूप कैसे दे. उन्होंने समय का प्रबंधन करते हुए प्रतिदिन 10 घंटे या ज्यादा की पढ़ाई करने को कहा. पॉजिटिव सोच एवं आत्म विश्वास के साथ प्रयास करने, एनसीईआरटी की पुस्तक को तैयारी के मुख्य केन्द्र करने को कहा. साथ ही प्रत्येक चैप्टर के प्रश्नों से अभ्यास करने, डाउट्स वाले प्रश्नों के लिए शिक्षक एवं डिस्कशन करने, सही समय अंतराल पर बार-बार रिविजन, टेस्ट के माध्यम से अपने गलतियों को जानें एवं लगातार उसे सुधारने की कोशिश करने को कहा. सही एवं जानकार व्यक्ति की निगरानी में सही दिशा निर्देश को फॉलो करने को भी कहा. इसे पढ़ें- धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-jmm-takes-out-nyay-march-in-nirsa-to-protest-against-the-arrest-of-hemant-soren/">धनबाद

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छात्रों को सफलता का टिप्स देते हुए गोल इंस्टीट्यूट के असिस्टेंट डायरेक्टर रंजय सिंह ने कहा कि अंतिम समय में छात्र किसी नए पुस्तक को पढ़ने से बचें और अपने निगेटीव स्कोर को कम करने के लिए पर्याप्त रिविजन व प्रैक्टिस करें. प्रत्येक दिन छोटे-छोटे लक्ष्य बनाकर उसे एचीव करने से बड़ा लक्ष्य आसानी से पा सकते हैं. योगा प्राणायाम और सकारात्मक सोच से अपने तन-मन को स्वस्थ रखते हुए पढ़ाई करें. अंतिम समय में पर्याप्त नींद लें और प्रत्येक दिन उसे पिछले दिन से बेहतर बनाने का प्रयास करें. गोल इन्स्टीट्यूट में पढ़ाई कर सफलता पाकर राजेंद्र इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) में पढ़ाई कर रहे नीट 2023 के शुभम - मार्क्स 650, सुरभि - मार्क्स 648, अक्षरा, अभिलाषा और अनुष्का व नीट 2022 के रविशंकर, शुशांत ने अपने तैयारी के दौरान के अनुभवों को साझा किया और कहा कि गोल संस्थान द्वारा मिल रहे दिशा-निर्देश को अगर ईमानदारी पूर्वक फॉलो करें तो सफलता सुनिश्चित है. गोल इन्स्टीट्यूट के आर एंड डी हेड आनंद वत्स ने टाइम मैनेजमेंट के महत्व को समझाते हुए कहा कि प्रकृति ने सभी छात्रों को दिन रात मिलाकर 24 घंटे का बराबर समय दिया है. इसी समय से जो छात्र ज्यादा समय इस्तेमाल कर लेते हैं वे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाते हैं.छात्रों के बीच रांची सेन्टर हेड अभिषेक जी एवं काली जी ने भी अपने महत्वपूर्ण अनुभवों को साझा किया और बताया कि गोल इन्स्टीट्यूट छात्रों को सफलता दिलाने के लिए हर संभव मदद करने को प्रतिबद्ध है. इसे भी पढ़ें- EC">https://lagatar.in/ec-will-only-decide-the-date-of-elections-ed-will-conduct-the-elections-supriyo/">EC

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