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Ranchi : मांडर कॉलेज के प्रिंसिपल को HC ने किया तलब, पूछा- क्यों नहीं विपरीत आदेश पारित किया जाए

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने वादी के पति की मृत्यु के 5 साल बाद भी मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई. आज मामले की सुनवाई के दौरान मांडर कॉलेज की ओर से किसी ने भी पक्ष नहीं रखा और न ही वादी के पति के सेवानिवृत्ति लाभ भुगतान  से संबंधित कोई जानकारी दी. इसके बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मांडर कॉलेज थाना के माध्यम से मांडर कॉलेज के  प्रिंसिपल को सूचित करते हुए 7 अगस्त तक कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है.
 
कोर्ट-कचहरी की खबरें
  • कोर्ट ने पूछा- वादी के पति के मृत्यु के 5 साल भी सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान क्यों नहीं हुआ?

Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने वादी के पति की मृत्यु के 5 साल बाद भी मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई. आज मामले की सुनवाई के दौरान मांडर कॉलेज की ओर से किसी ने भी पक्ष नहीं रखा और न ही वादी के पति के सेवानिवृत्ति लाभ भुगतान से संबंधित कोई जानकारी दी. इसके बाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट ने मांडर कॉलेज थाना के माध्यम से मांडर कॉलेज के प्रिंसिपल को सूचित करते हुए 7 अगस्त तक कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है.

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इससे पहले सुनवाई के दौरान वादी अफसाना परवीन की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी ने कोर्ट को बताया कि वादी के पति मांडर कॉलेज मांडर में व्याख्याता पद पर कार्य कर रहे थे, उनका निधन वर्ष 2021 में हुआ था. इससे पहले उन्होंने हाईकोर्ट में अपने पंचम, छठा और सप्तम वेतनमान पुनरीक्षण देने के लिए हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की थी. वर्ष 2024 में हाईकोर्ट ने इस रिट याचिका को स्वीकार करते हुए वादी को उनके पति के सभी पावना लाभ देने का निर्देश सरकार को दिया था.

 

इसके खिलाफ सरकार की ओर से अपील (LPA) दाखिल की गई. रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर वादी की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई. जिसके बाद कोर्ट ने वादी के संबंध में रिट कोर्ट के आदेश का पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया.

 

साथ ही यह भी कहा था कि इस संबंध में सरकार की ओर से दायर अपील के फलाफल से रिट कोर्ट का आदेश प्रभावित होगी. जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने रिट कोर्ट के आदेश का अनुपालन में वादी के पति की सेवा संपुष्टि करते हुए उनके पंचम, छठा एवं सप्तम वेतनमान से संबंधित मासिक वेतन का भुगतान कर दिया. लेकिन मृत्यु सह सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान नहीं किया था.

 

इसके बाद कोर्ट ने मांडर कॉलेज मांडर को वादी के पति के सेवानिवृत्ति लाभ भुगतान के संबंध में पक्ष रखने को कहा था. लेकिन कोर्ट द्वारा समय दिए जाने के बावजूद भी मांडर कॉलेज की ओर से लगातार दो तिथि से कोई उपस्थित नहीं हुआ था.

 

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