Ranchi : रांची जिले में होमगार्ड के लिए चार साल पहले चयनित सैकड़ों अभ्यर्थियों की बहाली तो दूर उन्हें अब तक प्रशिक्षण भी नहीं दिया जा सका है. चयनित अभ्यर्थी गृह रक्षा कार्यालय और मुख्यालय का चक्कर लगा कर थक चुके हैं, परंतु हर बार आश्वासन देकर उन्हें घर भेज दिया जाता है. मंगलवार दोपहर 12 बजे सैकड़ों सफल अभ्यर्थी अपनी मांग को लेकर रांची डीसी छवि रंजन से मिलने पहुंचे. डीसी के कहने पर शाम 4 बजे होली मिलन समारोह में शामिल हुए. इसके लिए अभ्यर्थियों ने उपायुक्त के प्रति आभार प्रकट किया. इसमें मन्नान अंसारी, सुनिल महतो, कलाम अंसारी, संजय मुंडा, शिवा कुजूर, अंजु कुमारी, संगीता देवी, नीलम कुमारी, पूर्णिमा कुमारी, उषा कुमारी, यू अंसारी, तबरेज अंसारी समेत कई अभ्यर्थी शामिल हुए.
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रिजल्ट निकले चार साल बीत चुके हैं
चयनित उम्मीदवारों का कहना है कि गृह रक्षा वाहिनी हरमू रांची के द्वारा 2016 में 771 पदों के लिए विज्ञापन निकाला गया था. 2017 में डोरंडा के जैप-1 मैदान में जांच परीक्षा हुई थी, जिसका रिजल्ट 2018 में आया था. रिजल्ट निकले चार साल बीत गये, लेकिन अभी तक इनलोगों को प्रशिक्षण भी नहीं मिला है. इन लोगों ने बताया कि इतने लंबे इंतजार के बाद भी हमलोगों को रोजगार नहीं मिल सका है.चयनित अभ्यर्थी मजदूरी करने को विवश
मांडर के गोसाई टोली की ममता उरांव (29 वर्ष) नौकरी की आस लिए अभी खेती-बारी का काम करती है. बाकी समय में मजदूरी कर घर चलाती है. मंजु देवी (31 वर्ष) हटिया रांची के रहने वाली है. सिलाई का काम करती है, जिससे घर का चूल्हा जलता है. ओरमांझी का अब्दुल मजिद गांव में ही मजदूरी करने को विवश है. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/ranchi-raid-in-12-food-and-drink-shops-adulterated-goods-found-in-four-shops/">रांची: खाने-पीने की 12 दुकानों में छापेमारी, चार दुकानों में मिला मिलावटी सामान [wpse_comments_template]
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