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रांची : कवि सम्मेलन के साथ मिथिला महोत्सव का शुभारंभ

  • शनिवार को हरमू मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम
Ranchi : झारखंड मिथिला मंच द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मिथिला महोत्सव की शुक्रवार को कवि सम्मेलन के साथ शुरुआत हुई. महोत्सव के पहले दिन मंच के अध्यक्ष मनोज मिश्र के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मैथिलों ने पारंपरिक धोती- कुर्ता व पाग पहनकर पदयात्रा की. बाबा विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया. इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान बिहार के विधान पार्षद डॉ संजय पासवान भी उपस्थित थे. तत्पश्चात अरगोड़ा स्थित लेक गार्डेन में काव्य संध्या का आयोजन किया गया. काव्य संध्या का उद्घाटन राज्यसभा सांसद महुआ माजी और विधायक सरयू राय ने किया. इस दौरान सभी अतिथियों द्वारा कवि विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि किया गया.  मिथिला महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को हरमू मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें ध्रुपद गायक हरिनाथ झा,रंजना झा, पुनम मिश्रा आदि कलाकार प्रस्तुति देंगे. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/04/111-1.jpg"

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मैथिली में बच्चों के लिए पुस्तक लिखें- महुआ माजी

इस मौके पर सांसद महुआ माजी ने कहा कि मैथिली मीठी भाषा है और इसकी साहित्यिक धारा बेहतरीन है. उन्होंने कहा- मैं संपूर्ण देश में होने वाले पुस्तक मेला में सम्मिलित होती रही हूं और मैंने पाया कि कोलकाता के पुस्तक मेला में सबसे अधिक भीड़ होती है. इसका कारण है कि बांग्ला के साहित्यकार सबसे अधिक पुस्तक की रचना बच्चों के लिए करते हैं, जिससे बचपन से ही उन्हें साहित्य संस्कृति के प्रति लगाव उत्पन्न हो जाता है. मैथिली के तमाम कवि से उन्होंने आग्रह किया कि वे मैथिली में बच्चों के लिए पुस्तक लिखें.

सरयू राय ने मिथिला की प्राचीन परंपरा की सराहना की

वहीं विधायक सरयू राय ने मिथिला महोत्सव की सफलता की कामना करते हुए मिथिला की प्राचीन परंपरा की सराहना की. उन्होंने मिथिला भाषा की विशेषता एवं अन्य सभी आधुनिक भाषा के कवि पर इसके प्रभाव को रेखांकित किया. सरयू राय ने मिथिला के भू-भाग उत्तर में नेपाल, दक्षिण में गंगा, पूरब में महानदी एवं पश्चिम में अवस्थित क्षेत्र की महत्ता एवं उस क्षेत्र के विद्वानों की चर्चा की.

कवि सम्मेलन का आरंभ फूलचंद्र झा प्रवीण के गीत से हुआ

कवि सम्मेलन का आरंभ फूलचंद्र झा प्रवीण के गीत चांद हमर अहि प्राण उगु आउ से हुआ, जिसे काफी सराहा गया. मंच संचालन करते हुए डॉ कृष्ण मोहन झा मैथिली और मिथिला की साहित्यिक धारा के बारे में जानकारी देते रहे. काव्य संध्या में कमलेश प्रेमी, जगदीश चंद्र ठाकुर,सियाराम सरस, कमलेश, प्रेमेंद्र समेत कई स्थानीय कवियों ने काव्य पाठ किया और अपनी साहित्यिक रचना प्रस्तुत की. मिथिला महोत्सव में मैथिली पुस्तक बिक्री स्टॉल सहित कई स्टॉल लगाए गए हैं . कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच के समन्वयक संतोष झा, महासचिव मिथिलेश कुमार मिश्र, श्रीपाल झा, संजीत कुमार झा, सर्वजीत कुमार चौधरी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इसे भी पढ़ें – अलर्ट">https://lagatar.in/alert-there-will-be-no-electricity-in-these-areas-on-saturday-for-two-to-two-and-a-half-hours/">अलर्ट

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