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रांची : टोपी-चश्मे और छतरी की बढ़ी मांग

Rehan Ahmed Ranchi : शहर में टोपी-चश्मे व छतरी की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है. मेन रोड, एचबी रोड, टैक्सी स्टैंड के सामने, चर्च रोड, सुजाता चौक, डोरंडा, हरमू, अपर बाजार समेत अन्य क्षेत्रों में छोटी-बड़ी दुकानों और फुटपाथ पर तरह-तरह के चश्मे टोपी व छतरी की खरीदारी करते लोग नजर आ जाते हैं. युवा वर्ग फैशन की तर्ज पर चश्मा व टोपी का इस्तेमाल कर रहे हैं. स्कूल कॉलेज की छात्राओं व ग्रृहणियों को छतरी अधिक बिक रही है. इसलिए खरीदारी भी खूब कर रही है. एचबी रोड स्थित प्रकाश ऑप्टिकल्स के संचालक चंद्र प्रकाश गुप्ता व रवि कुमार गुप्ता ने बताया कि पिछले 15 वर्षों दुकान को संभाल रहे हैं. वर्तमान में मेरे यहां चश्मों की 200 वेराइटी है. इस समय सबसे अधिक कोलोराइड गोगल्स की मांग अधिक है. यहां 599 रुपये से 5000 तक के सन ग्लासेस उपलब्ध हैं. रोजाना 7 से 8 सन ग्लासेज बिक रहे हैं. इसे भी पढ़ें -एनडीए">https://lagatar.in/narendra-modi-elected-leader-of-nda-parliamentary-party-met-the-president-received-invitation-to-form-government-oath-taking-ceremony-on-june-9/">एनडीए

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रांची में दिल्ली-कोलकाता के टोपी

हरमू स्थित वैशाली स्टोर के मो. आशिक, जेबी सेंटर के संचालक ने कहा कि मौसम के हिसाब से दुकान को सजाया जाता है. यहां दिल्ली, कोलकाता बाजार के टोपी-चश्मे ग्राहकों को बेच रहे हैं. यहां ग्राहकों की पसंद का ख्याल करते हुए टोपी, चश्मों व छातों का कलेक्शन जुटाया जाता है. छाते केसी पाल कंपनी के ही बेचते हैं, ग्राहक इसी कंपनी के छाते की अधिक मांग करते हैं.

लोकल व चाइनीज चश्मे आंखों के लिए घातक : डॉ रतनेश

नेत्र विशेषज्ञ डॉ रतनेश कुमार ने कहा कि मौसम के हिसाब से लोगों को अपने शरीर का खास ख्याल रखना चाहिए. सूरज की तीखी किरणों से बचाव के लिए सिर में टोपी व चश्मा लगाना जरूरी है. चश्मा लगाने से आंखों को धूल गर्दे से बचाया जा सकता है. लोकल व चाइनीज चश्मों के इस्तेमाल से बचना चाहिये. डॉ रतनेश ने कहा कि नेत्र शरीर का नाजुक व सबसे अहम अंगों में से एक है. इसकी सुरक्षा हर सूरज से जरूरी है, लोक व चाइनीज ग्लासेस हमारे आंखों के लिए खाफी घातक है. इंडियन व फॉरेन के सन ग्लासेस का ही इस्तेमाल करना चाहिए. सूरज की तीखी किरणों से कार में लगे ग्लास तेज धूप से गर्म हो जाते हैं, वह नुकसानदायक है, उसी तरह आंखों में लगाने वाले लोकल व चाईनिज चश्में भी सूरज की तीखी किरणों के लगते ही तेज गर्म हो जाते हैं. जबकि वे सन ग्लासेस हमारी आंखों के बहूत करीब होते हैं, ऐसे में ये आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए इनके इस्तेमाल से बचना चाहिए, क्योंकि नेत्र जीवन है. चश्मा वेराइटी   दर सेंट माईरन -  850-1200 रु. रेबन   - 1450-1850 रु. टरमीनेटर - 1250-1450 रु. रोमियो सफारी - 1250-1450 रु. टॉम एंड हॉडी -  950-1250 रु. बैली सिटी - 1450-1850 रु. फस्ट ट्रैक - 599-2599 रु. पोलाराइज - 799-1499 रु. फ्रोडजी - 2250-3950 रु. हड कैक -  650-950 रु. टोपी    वेराइटी दर हिप हॉप  -  150 रु. जाली टोपी - 120 रु. आर्मी टोपी - 150 रु. जींस टोपी -  150 रु. देवानंद टोपी -  175 रु. बंग्लादेशी टोपी - 120 रु. गोल्फ कैप -  220 रु. पंजाबी टोपी -  120 रु. क्लासिक कैप -  250 रु. बच्चों की टोपी -  50-200 रु. हैट -  250-300 रु. केसीपाल छाता -  120-300 रु. इसे भी पढ़ें -आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-9-1-kilometer-adityapur-kandra-road-remains-in-darkness-at-night-vehicles-move-on-the-road-relying-on-god/">आदित्यपुर

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