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रांचीः इंस्पेक्टर उमेश कच्छप भी आदिवासी थे, हेमंत कराएं मौत की CBI जांच- बाबूलाल

 
Ranchi: 17 जून 2016 की रात धनबाद के तोपचांची थाना में हुए इंस्पेक्टर उमेश कच्छप की मौत का मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है. उमेश कच्छप की बेटी ने मामले की सीबीआई से जांच कराने के लिए हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने इसे लेकर सीएम हेमंत सोरेन को कटघरे में खड़ा किया है. कहा कि उमेश कच्छप की बेटी विनीता आज अपने पिता की मौत का इंसाफ मांग रही है. हाईकोर्ट से सीबीआई जांच कराने का गुहार लगा रही है. आखिर मुख्यमंत्री एक आदिवासी इंस्पेक्टर की मौत की जांच सीबीआई से क्यों नहीं कराते हैं. मृत आदिवासी दारोगा की बच्ची की सीबीआई जांच की फरियाद वे क्यों नहीं सुन रहे. क्यों और किस गुनहगार को बचाने के लिए वे आदिवासी बच्ची को कोर्ट का चक्कर लगवा रहे हैं.
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बाबूलाल ने कहा कि उमेश कच्छप ने तोपचांची थाने में खुदकुशी कर ली थी. मौत के पहले अपनी पत्नी से बातचीत में उन्होंने वरीय अफसरों का नाम लेकर बताया था कि, कैसे वे लोग एक चालक पर फर्जी केस कर रंगदारी वसूलने वाले अफसरों को बचाने का दबाव डाल रहे हैं. इसी तनाव में उमेश कच्छप ने जान दे दी. तब सीआईडी और फोरेंसिक टीम ने पुलिस अफसरों को प्रारंभिक जांच में दोषी पाया था, लेकिन जब आदिवासी हितों की रक्षा का दावा करने वाली सरकार बनी तो सरकार ने आदिवासी अफसर की मौत की फाइल बंद कर दी.
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