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रांची : सेल में 12-13 अप्रैल को डिजिटल एचआर पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव

Ranchi : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल-सीआईएल), मैंगनीज और इंडिया लिमिटेड (एमओआईएल), जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सर्विस (एक्सआईएसएस) और नेशनल एचआरडी नेटवर्क के सहयोग से 12 और 13 अप्रैल को प्रबंधन प्रशिक्षण संस्थान (सेल) रांची में धातु और खनन उद्योग में क्षमता निर्माण के लिए डिजिटल एचआर पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव होगा. सोमवार को सेल में प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी गयी. मौके पर सेल के हयूमन रिसोर्स डेवलपमेंट के निदेशक संजीव कुमार, सीसीएल के निदेशक (कार्मिक) हर्ष नाथ मिश्र, उज्जवल भास्कर महाप्रबंधक और संचार प्रमुख उपस्थित थे.

उद्देश्य धातु और खनन उद्योग में मानव संसाधन प्रबंधन की चुनौतियों की पहचान करना 

संजीव कुमार ने बताया कॉन्क्लेव का उद्देश्य धातु और खनन उद्योग में मानव संसाधन प्रबंधन की चुनौतियों की पहचान करना और उन्हें सही उपकरण, प्रणालियों एवं मंचों के मिश्रण वाले डिजिटल एचआर समाधानों में प्रतिचित्रण करना है. यह क्षमता निर्माण और व्यावसायिक लाभ के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने में मदद करेगा. संगोष्ठी में प्रमुख फोकस क्षेत्रों में डिजिटल एचआर के माध्यम से संगठनात्मक क्षमता का निर्माण, धातु और खनन उद्योग के लिए उभरती हुई प्रौद्योगिकियां, डिजिटल युग में नेतृत्व क्षमता को फिर से परिभाषित करना, त्वरित निर्णय क्षमता वाले संगठन के लिए डिजिटल संस्कृति, बड़े संगठनों में स्मेक तकनीकों को अपनाना और कर्मचारियों के गहन अनुभव के लिए उपकरण शामिल हैं. इन मुद्दों को संबोधित करने के लिए कॉन्क्लेव के पांच तकनीकी सत्रों में चिकित्सकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, सलाहकारों और प्रौद्योगिकी आपूर्तिकर्ताओं द्वारा शोध लेख, वैचारिक पेपर और केस स्टडी प्रस्तुत किए जाएंगे. इसमें शीर्ष उद्योग के नेताओं, मानव संसाधन विशेषज्ञों और डिजिटल विशेषज्ञों द्वारा संबोधित किया जाएगा. ई-गैलरी प्रस्तुति के माध्यम से धातु और खनन उद्योग से उपयोग किए गए कई मामले, विचार और भविष्य की संभावनाएं प्रदर्शित की जाएंगी.

एचआर के क्षेत्र में 5 आधार स्तंभ की परिकल्पना

सेल, सीसीएल, सीएमपीडीआईएल, एचसीएल, मैथन इस्पात, आरआईएनएल, एमओआईएल, गेल, हिंडाल्को, आईबीएम, एक्सआईएसएस आदि जैसे विभिन्न प्रमुख संगठनों के प्रतिनिधि अपने संगठनों में डिजिटल यात्रा की चुनौतियों और प्रगति को साझा करने और चर्चा करने के लिए भाग लेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि एचआर के क्षेत्र में 5 आधार स्तंभ की परिकल्पना की गई है, जिसमें टेक्निकल, सोशल मीडिया, मोबाइल टेक्नॉलजी, एनालिटिक्स और क्लाउड कम्प्यूटिंग शामिल हैं. हर्ष नाथ मिश्र ने कहा कि यह एक विकसित चरण है. पूर्व में कम्प्यूटरीकरण, डिजिटलीकरण और अब एआई आ गया है. एआई को सकारात्मक रूप से इस्तेमाल करते हुए इसके चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने कि जरूरत है. एआई (AI) को एचआर में आत्मसात कर लिया जाए जिससे कामों के निष्पादन में तेजी आए और उत्पादन बढ़े. इसे भी पढ़ें – गोड्डा">https://lagatar.in/godda-chief-minister-is-scared-of-bjps-secretariat-gherao-program-nishikant-dubey/">गोड्डा

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