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रांची: झारखंड के रसोईयों का अब राजभवन के सामने शुरू हुआ धरना

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Ranchi: झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोईया/ संयोजिका /अध्यक्ष संघ राजभवन के सामने घरना पर बैठा है. ये अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे पहले ये 29 जुलाई से विधान सभा मैदान में धरना दे रहे थे. विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद, ये राजभवन के पास आ गए. इनका धरना अनिश्चितकालिन है. धरना दे रहे लोगों का कहना है कि उनका चयन 2004 में किया गया था. उनसे काम तो लिया जाता है, लेकिन उसके बदले उचित मजदूरी नहीं दी जाती है. आज के इस महंगाई में एक दिन के लिए मात्र 65.66 रूपए ही दिया जाता है. इतनी महंगाई में इतने कम पैसे में हम क्या कर सकते हैं. इनका धरना प्रदर्शन राज्य के हर प्रखंड का एक-एक दिन चलेगा. रविवार को रामगढ़ के मांडू प्रखंड का धरना था. इसे भी पढ़ें-नीति">https://lagatar.in/niti-aayog-meeting-in-view-of-the-drought-cm-hemant-demanded-a-special-package/">नीति

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इनकी प्रमुख मांगें

1.पांच साल पहले रसोईया, संयोजिका को हटया गया था. हटाये गए रसोईया और संयोजिकाओं को वापस लेने के लिए तत्कालीन शिक्षा सचिव अराधना पटनायक से वार्ता हुई थी लेकिन नहीं लिया गया है. उन्हें वापस लिया जाए. 2.न्यूनतम वेतन लागू करते हुए सभी रसोईया संयोजिकाओं, अध्यक्ष को स्थायी किया जाय, इनके बच्चे के विद्यालय में पढ़ने का शर्त समाप्त किया जाय और रसोइयां को 10 महीना की जगह 12 महीना का मानदेय लागू की जाय. 3.सभी रसोईया संयोजिका अध्यक्ष को निःशुल्क 5 लाख का बीमा प्रदान किया जाए. 4 विद्यालय के बच्चों का दोपहर का भोजन निजी कम्पनी को सौंपने के फैसले को सरकार वापस ले. 5 रसोईया, संयोजिका और अध्यक्ष को ही विद्यालय में दोपहर के भोजन का सम्पूर्ण रूप से जिम्मेवारी दिया जाय. शिक्षक को लिखित व व्यवहारिक रूप से भोजन से पूरी तरह से मुक्त किया जाय. शिक्षकों से सिर्फ शैक्षणिक कार्य ही लिया जाय ताकि हमारे राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके. [wpse_comments_template]
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