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रांची: मारवाड़ी महिला मंच का बसंत मेला 25 से

Ranchi: महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मारवाड़ी महिला मंच, शाखा द्वारा 17वां बसंत मेला आयोजित किया जा रहा है. यह तीन दिवसीय मेला 25 से 27 मार्च तक अग्रसेन भवन, अपर बाजार में चलेगा. इस आयोजन में 50 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें देशभर से आई महिला उद्यमियों के हाथ से बनाए और विशिष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे. मारवाड़ी महिला मंच पिछले 19 वर्षों से इस मेले का आयोजन करते आ रहा है. इसमें महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, प्रबंधन एवं बिक्री कला में विशेषज्ञता प्राप्त करने तथा पारिवारिक एवं सामाजिक दायित्वों को निभाने में सहूलियत प्रदान करने का प्रयास किया जाता रहा है. दो वर्षों तक कोरोना महामारी के कारण इस मेले का आयोजन नहीं हो सका था, लेकिन इस बार इसका भव्य स्वरूप से मेला का आयोजन होगा.

मेले में नवीनतम डिजाइनों के परिधान मिलेंगे

बसंत मेला, विशेष रूप से गणगौर सिंधारा को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है, ताकि बहन-बेटियों को एक ही छत के नीचे उनकी जरूरत का हर सामान उपलब्ध करा सके. मेले में नवीनतम डिजाइनों के परिधान, एक्सक्लूसिव सूट्स, साड़ियां, इंडो-वेस्टर्न ड्रेसेस, ज्वैलरी, हस्तनिर्मित सामान, मसाले, अचार, पापड़, मंगोड़ी और विभिन्न प्रकार की स्वादिष्ट चाट व खाद्य सामग्री के स्टॉल लगाए जाएंगे. मेले का शुभारंभ 25 मार्च को सुबह 11 बजे होगा. इसमें मुख्य अतिथि-गुरु शरण जी, अध्यक्ष सेवा भारती, विशिष्ट अतिथि- डॉ. वंदना राय, पूर्व प्राचार्य सूरज सिंह मेमोरियल कॉलेज, संरक्षक- नीरा बथवाल, निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष, मारवाड़ी महिला मंच शामिल होंगे.

संगठन की प्रमुख हस्तियां और संयोजक मंडल होंगे

इस मेले को सफल बनाने में शाखा अध्यक्ष मधु सर्राफ, सचिव उर्मिला पड़िया, कोषाध्यक्ष शशी डागा, सहसचिव प्रीति बंका समेत कई वरिष्ठ महिलाओं का योगदान रहा है. मेले की संयोजिका अलका सरावगी हैं, और सह-संयोजिका अनुसूया नेवटिया, मंजु लोहिया एवं रीना सुरेका है. पूर्व प्रादेशिक अध्यक्ष रूपा अग्रवाल के मार्गदर्शन में गीता डालमिया, मंजु केडिया, वीणा मोदी, नैना मोर, रीता केडिया, बबिता नारसरिया, सीमा टांटिया, सरिता अग्रवाल सहित कई समर्पित महिलाओं ने इस आयोजन को भव्य बनाने में योगदान दिया है. वहीं  मेले में प्रवेश के लिए रु. 10 का शुल्क रखा गया है और यह प्रातः 11 बजे से सायं 7 बजे तक खुला रहेगा. यह मेला न केवल स्थानीय महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर देगा, बल्कि पारंपरिक और आधुनिक वस्त्रों व खाद्य सामग्रियों की खरीदारी के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा. महिलाएं इस मेले को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि यह आयोजन उनकी कला, हुनर और आत्मनिर्भरता को एक नया आयाम देगा. इसे भी पढ़ें – शिंदे">https://lagatar.in/kunal-kamra-had-to-pay-a-heavy-price-for-taking-a-dig-at-shinde-shiv-sena-workers-vandalised-hotel-where-show-was-held/">शिंदे

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