- लगाई गई हैं दो कंपोस्टिंग मशीन, हर दिन बन रहा 400 किलो से अधिक खाद
- फल और सब्जी मंडियों से निकलने वाले अवशेषों से खाद बनाया जा रहा
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कीमत तय करने के लिए बनायी जायेगी कमेटी
इस खाद की बिक्री शहर के सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं द्वारा की जायेगी. इसके लिए ग्रुप की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. खाद की दर क्या होगी, इसके लिए कमेटी बनायी जाएगी. निगम के अधिकारियों के अनुसार, खाद का दाम मार्केट रेट से कम होगा, ताकि लोगों को खाद सस्ती दर पर मुहैया करायी जा सके. फिलहाल जी-20 बैठक को लेकर लगाये गये पौधों में इस खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है.नागाबाबा : वेस्ट से रोजाना बन रहा 60 किलो खाद
नागा बाबा सब्जी मार्केट के सुपरवाइजर मनोज कुमार ने बताया कि रोज यहां से 50 से 60 किलो खाद तैयार किया जा रहा है. इस खाद को तैयार करने के लिए रोज 400 से 500 किलो वेस्ट का इस्तेमाल हो रहा है. मशीन से खाद बनाने के लिए तीन महिलाओं और एक पुरुष को काम पर रखा गया है. उन्हें महीने में 8 हजार रुपये दिए जाते हैं.कर्बला चौक : 400 किलो खाद तैयार हो रहा
वहीं कर्बला चौक एमटीएस के सुपरवाइजर जावेद अख्तर ने बताया कि यहां रोज 300 से 400 किलो खाद तैयार किया जा रहा है. खाद बनाने के लिए वेस्ट डेली मार्केट, बहू बजार, डोरंडा मार्केट और निकट के वार्डों से इकट्ठा किया जाता है. यहां पर काम करने के लिए दो पुरुष और दो महिलाओं को रखा गया है. इसे भी पढ़ें – जी-20">https://lagatar.in/g-20-summit-discussion-on-the-subject-of-materials-for-sustainable-energy-on-thursday/">जी-20सम्मेलन : सतत ऊर्जा के लिए सामग्री विषय पर चर्चा गुरुवार को [wpse_comments_template]

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