आईआईटी-आईएसएम व टक्समिन में हो चुका है एमओयू
यह सेंटर विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम बनाने, आईआईटी और एनआईटी जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ साझेदारी करने और स्टार्ट-अप और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय हितधारकों के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके लिए आईआईटी-आईएसएम धनबाद व टेक्समिन के बीच पिछलेने दिनों एमओयू हो चुका है. जबकि आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी मद्रास के साथ एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है.नई तकनीकों को विकसित करने पर जोर
नासेर का जोर नई तकनीकों को विकसित करने पर है. साथ ही टीआरएल-4 के सिद्ध अनुसंधान को प्रयोगशाला से धरातल तक लाना है, जो उद्योगों के विकास और पर्यावरणीय स्थिरता दोनों को संचालित करता है. फंडिंग का बड़ा हिस्सा ऐसी सभी परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा, जो प्रभावी अनुप्रयोगों में तब्दील हो सकती हैं.विशेषज्ञों की सलाहकार समिति गठित
नासेर को सीआईएल के आरएंडटी फंड सहयोग करेगा. इसके संचालन के लिए देश भर के विशेषज्ञों की एक सलाहकार विशेषज्ञ समिति बनाई गई है. साथ ही विषय विशेषज्ञों का पैनल भी बनाया गया है. यह सेंटर राष्ट्रीय और वैश्विक अनुसंधान में तालमेल को बढ़ावा देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि भारत आने वाले दशकों तक ऊर्जा नवाचार में अग्रणी रहे. यह भी पढ़ें : छत्तीसगढ़">https://lagatar.in/naxalites-carried-out-ied-blast-in-bijapur-chhattisgarh-9-soldiers-martyred/">छत्तीसगढ़के बीजापुर में नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट किया, 9 जवान शहीद
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