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Ranchi News : आदिवासी समाज की आवाज से तय होगी शिक्षा की नई दिशा, रांची में मंथन

Ranchi : आदिवासी समुदायों की भाषा, संस्कृति और पहचान को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को रांची में एक्सप्लोरेशन सर्कल का आयोजन किया गया. इसमें झारखंड समेत विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, सामुदायिक संगठनों, फिल्म निर्माताओं और शिक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का आयोजन ड्रीम अ ड्रीम ने नेटवर्क फॉर एजुकेशन सिस्टम्स ट्रांसफॉर्मेशन (NEST) के सहयोग से किया.
 

Ranchi : आदिवासी समुदायों की भाषा, संस्कृति और पहचान को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से मंगलवार को रांची में एक्सप्लोरेशन सर्कल का आयोजन किया गया. इसमें झारखंड समेत विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, सामुदायिक संगठनों, फिल्म निर्माताओं और शिक्षा विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का आयोजन ड्रीम अ ड्रीम ने नेटवर्क फॉर एजुकेशन सिस्टम्स ट्रांसफॉर्मेशन (NEST) के सहयोग से किया.


संवाद में इस बात पर जोर दिया गया कि आदिवासी समाज के लिए शिक्षा केवल पढ़ाई या रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उनकी भाषा, संस्कृति, पहचान और पारंपरिक ज्ञान से भी जुड़ी है. प्रतिभागियों ने कहा कि आधुनिक शिक्षा और पारंपरिक सीखने की पद्धतियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने की जरूरत है.


ड्रीम अ ड्रीम के रिसर्च एंड इम्पैक्ट असेसमेंट निदेशक डॉ. श्रीहरि रविंद्रनाथ ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय ज्ञान, भाषा और समुदायों की आकांक्षाओं को उचित स्थान मिलना चाहिए. वहीं, संस्था के स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स निदेशक शारीक मशहदी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आगे बढ़ना नहीं, बल्कि समाज और आसपास के जीवन को भी बेहतर बनाना होना चाहिए.


कार्यक्रम में बताया गया कि ड्रीम अ ड्रीम, झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल (JEPC) और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर झारखंड पॉलिसी लैब स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि शोध आधारित शिक्षा नीति और समुदायों की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके.

 

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