Ranchi : झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स (RIMS) में सोमवार को रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भारी अफरा-तफरी देखने को मिली. नई रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होने के बाद से मरीज घंटों कतार में खड़े होने को मजबूर रहे. दूर-दराज से आए कई मरीज तो बिना इलाज कराए ही घर लौट गए.
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश पर रजिस्ट्रेशन प्रणाली को NIC के ई-हॉस्पिटल प्लेटफॉर्म से C-DAC के प्लेटफॉर्म पर माइग्रेट किया गया है. इस तकनीकी बदलाव के कारण पिछले एक हफ्ते से सिस्टम में बाधाएं आ रही थीं. सर्वर भी काफी धीमा चल रहा था. सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण समस्या और गंभीर हो गई.
मरीजों का फूटा गुस्सा
चतरा और चौपारण जैसे दूर-दराज के इलाकों से आए मरीजों ने बताया कि वे सुबह 8 बजे से ही कतार में खड़े थे, लेकिन घंटों बाद भी पर्ची नहीं मिल पाई. सिस्टम इतना धीमा था कि लाइन आगे ही नहीं बढ़ रही थी. एक मरीज ने बताया कि केवल टोकन लेने में ही 3 से 4 घंटे का समय लग गया. कतार में अव्यवस्था भी बनी रही. लोग बीच में घुस जा रहे थे.
ओपीडी बंद होने की सताती रही चिंता
मरीजों में इस बात को लेकर भारी चिंता रही कि ओपीडी दोपहर 1 बजे बंद हो जाती है और रजिस्ट्रेशन काउंटर 12:30 बजे तक ही खुले रहते है. ऐसे में सुबह से लाइन में खड़े मरीजों को डर था कि बिना पर्ची के उनका इलाज नहीं हो पाएगा.
प्रशासन को करना पड़ा हस्तक्षेप
बढ़ती भीड़ और मरीजों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा. रिम्स व C-DAC के इंजीनियर स्थिति पर नजर बनाए रहे. प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराया. सिस्टम को सुचारू बनाने का प्रयास जारी रहा, लेकिन तब तक मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
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