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Ranchi News: नई तकनीक और कौशल से ही युवा बनेंगे भविष्य के नेतृत्वकर्ता: राज्यपाल संतोष गंगवार

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि वर्तमान दौर विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है, जहां ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकें उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही हैं.
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Ranchi: झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने कहा कि वर्तमान दौर विज्ञान, तकनीक और नवाचार का है, जहां ऑटोमेशन और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकें उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक जीवन के हर क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रही हैं. उन्होंने युवाओं को उद्योगोन्मुख तकनीकी कौशल से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया.


राज्यपाल बुधवार को सिल्ली पॉलिटेक्निक में आयोजित नेशनल हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑन इंडस्ट्री ओरिएंटेड ऑटोमेशन एंड IoT सिस्टम्स (IAOT-26) के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी सार्थक मानी जाएगी, जब विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण, प्रयोग और नवाचार के जरिए सीखने का अवसर मिले.


उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, स्मार्ट सिस्टम और डिजिटल टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है. आने वाला समय उन्हीं युवाओं का होगा, जो नई तकनीकों को सीखने, समझने और नवाचार करने की क्षमता विकसित करेंगे. हाल ही में आयोजित एआई समिट का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारत के पास इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की पूरी क्षमता है.


राज्यपाल ने कहा कि झारखंड युवा प्रतिभाओं से भरा राज्य है और यहां युवाओं में क्षमता की कोई कमी नहीं है. जरूरत केवल बेहतर मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीकी शिक्षा और उचित अवसर उपलब्ध कराने की है. उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित कौशल में दक्ष युवा भविष्य में केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकते हैं.


राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि लगातार अपने ज्ञान और कौशल को विकसित करते रहें. वहीं शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों से उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह राष्ट्रीय कार्यशाला विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी साबित होगी तथा इससे तकनीकी शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा.

 

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