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रांची : सुगंधित जल से स्नान व श्रृंगार के बाद एकांतवास में गये भगवान जगन्नाथ, 1 जुलाई को रथयात्रा

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Ranchi : धुर्वा के जगन्नाथपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में पूर्णिमा तिथि पर मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीजगन्नाथ स्वामी को 108 छोटे कलश में रखे वनौषधि एवं सुगंधित जल से स्नान और श्रृंगार कराया गया. स्नान, स्पर्श दर्शन एवं पूजन के बाद भगवान जगन्नाथ एकांतवास के लिए गर्भगृह में चले गये. दिन के 2.30 बजे परंपरा के मुताबिक आसपास के इलाकों से आए आदिवासी, श्रद्धालु एवं भक्तगण दूध, जल और सुगंधित द्रव्य से प्रभु को स्नान कराया. स्नान के बाद सभी ने स्पर्श दर्शन किया. आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष तैयारी की गई थी. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/06/vb1.jpg"

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प्रभु गर्भगृह में 16 दिनों तक रहेंगे

मंदिर के मुख्य पुरोहित रामेश्वर पाढ़ी ने बताया कि प्रभु गर्भगृह में 16 दिनों तक रहेंगे. इस दौरान उनका दर्शन आमजन के लिए सुलभ नहीं होगा. इस दौरान प्रभु की सांकेतिक पूजा-अर्चना होती रहेगी. प्रभु के स्थान पर स्नान मंडप में राधा-कृष्ण, गणेश एवं अन्य देवी-देवताओं की दैनिक पूजा होगी. मंदिर आने वाले भक्त प्रसाद और भोग निवेदित करते रहेंगे.

30 जून को दिन के साढ़े चार बजे से आरंभ होगा अनुष्ठान

एकांतवास में रहने के बाद प्रभु जगन्नाथ 30 जून को नेत्रदान के बाद आमजन को दर्शन देंगे. मंदिर के गर्भगृह से बाहर आने के बाद स्नान मंडप में श्री भगवान का नेत्रदान होगा. यह अनुष्ठान 30 जून को दिन के साढ़े चार बजे से आरंभ होगा. पांच बजे से श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुलभ होगा. इस दिन भगवान जगन्नाथ, बलराम एवं सुभद्रा के विग्रहों की आरती होगी. इसके बाद देवता शयन करेंगे.

एक जुलाई को निकलेगी रथ यात्रा

नेत्रदान के दूसरे दिन एक जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम रथारूढ़ होंगे. इससे पूर्व सुबह चार बजे महाआरती होगी. सुबह पांच बजे से पूजन और दर्शन का क्रम शुरू होगा. दोपहर में लक्ष्यार्चना के बाद विग्रहों को रथारूढ़ किया जाएगा. इसके बाद ऐतिहासिक पारंपरिक रथ यात्रा आरंभ होगी. झारखंड सरकार के निर्देश के मुताबिक इस बार सीमित संख्या में ही श्रद्धालु रथ को खींचकर मौसीबाड़ी तक ले जाएंगे. इस बार तीसरा वर्ष ऐसा होगा, जब रथयात्रा पर ऐतिहासिक मेला नहीं लगेगा. कोरोना गाइडलाइन की वजह से इस बार मेला नहीं लगाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/ranchi-missing-coal-trader-ajay-singhs-body-found-rukka-dam/">रांची

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