- धुर्वा की 16 स्लम बस्तियों के 4400 परिवारों को बसाने के लिए बनेंगे फ्लैट
- एचईसी की जमीन पर कब्जा कर लोगों ने बना दिया है स्लम बस्ती
4500 से अधिक परिवार अवैध तरीके से रहते हैं
आनी में और भुसूर मौजा की 16 स्लम बस्तियों में 4,500 से अधिक परिवार अवैध तरीके से रहते हैं. सरकार ने आनी की 7 बस्तियों में 2903 लाभुकों को चिन्हित किया है. वहीं भुसूर की 9 स्लम बस्तियों में 1497 लाभुक चिन्हित किये गये हैं, लेकिन भुसूर मौजा के सिर्फ 234 आवेदकों ने अबतक आवास के लिए 5000 रुपये और 27 लोगों ने 500 रुपये सिक्यूरिटी मनी डिपॉजिट किया है. आनी मौजा में 115 आवेदकों ने 5000 और 54 लोगों ने 500 रुपये सिक्यूरिटी मनी जमा किया है. नगर विकास विभाग की ओर से शिविर लगाकर योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और लोगों की सभी शंकाओं और समस्याओं को दूर किया जा रहा है. फिर भी लाभुकों की संख्या नहीं बढ़ रही है.कहां कितने लोगों ने अवैध कब्जा कर घर बनाया
स्लम का नाम कब्जा करने वालों की संख्या मुस्लिम बस्ती 106 थेथर कोचा 97 घांसी नगर 88 जेपी मार्केट 699 मौसीबाड़ी 1219 जगन्नाथपुर न्यू कॉलोनी 567 शिव मंदिर 127 भुसूर कोचा 107 गंगा खटाल 12 पथरकोचा 186 लंका कॉलोनी 247 पटेल नगर 366 ए टाइप मदरसा 270 लीची बागान 53 न्यू एरिया गांधी नगर 22 सुंदरगढ़ 234ये है हाउसिंग प्लान
- आनी में 8 तल्ले के कई ब्लॉक में 3168 आवास बनाए जाएंगे.
- 20.03 एकड़ एरिया में डेवलप होगी हाउसिंग सोसाइटी
- भुसूर में 6 तल्ले के कई ब्लॉक में 1232 आवास बनेंगे.
- भुसूर में 9 एकड़ एरिया में डेवलप होगी सोसाइटी.
- दोनों जगहों पर फ्लैट का कारपेट एरिया 29.53 स्क्वायर मीटर होगा.
- एक फ्लैट की कीमत 11 लाख 42811 रुपये होगी.
- लाभुक का अंशदान 892811 रुपये होगा.
- केंद्र सरकार का शेयर 1.5 लाख रुपये होगा.
- राज्य सरकार 1 लाख रुपये देगी.
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