Sonia Jasmin Ranchi: प्राइवेट स्कूलों में लॉकडाउन की वजह से सिर्फ दो महीनों की ट्यूशन फीस ली जा रही है. लॉकडाउन से हमारे दैनिक जीवन के साथ-साथ आर्थिक परेशानियां भी हुई है. इनकम का सोर्स खत्म हो जाने की वजह से अभिभावकों का कर्ज बढ़ गया है. ऐसे में वे स्कूल फीस देने में असमर्थ हैं. अभिभावकों का कहना है कि “ऑनलाइन पढ़ाई ज्यादा से ज्यादा दो घंटे ही करायी जाती है. अभिभावकों को इंटरनेट और ऑनलाइन एजुकेशन के लिए खुद ही खर्च करना पड़ता है. स्कूल का रोजमर्रा और प्रशासनिक खर्च भी घट गए. वहीं 9वीं और 12वीं तक की क्लासेज के अलावा अन्य कक्षाएं खुलने का कोई भी आसार नहीं लग रहा.
महीनों बाद स्कूल खुले, जानें कैसी रही स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति
ऑनलाइन क्लास के नाम पर बेवजह फीस वसूल रहे स्कूल
पेरेंट्स ने कहा कि स्कूल में ऑनलाइन क्लास के अलावा परिवहन और अन्य एक्टिविटी में कोई खर्च नहीं हो रहा है. तो फीस किस बात की ली जा रही है. उनका यह भी कहना है कि फीस नहीं दे पाने पर बच्चों को ऑनलाइन क्लास से बाहर कर दिया जाता है. नियमित कक्षा नहीं होने के बावजूद सभी तरह के शुल्क लिया जा रहे हैं. इसे भी पढ़ें- रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-schools-open-after-months-know-how-the-attendance-of-children-in-schools/15585/">रांचीःमहीनों बाद स्कूल खुले, जानें कैसी रही स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति
Leave a Comment