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रांची पुलिस ने अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का किया भंडाफोड़, 12 बच्चे बरामद, 15 आरोपी गिरफ्तार

रांची  पुलिस ने एक बड़े और संगठित अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह बच्चों का अपहरण कर उन्हें भीख मंगवाने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे घिनौने धंधों में झोंक देता था.
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Ranchi :  रांची  पुलिस ने एक बड़े और संगठित अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह बच्चों का अपहरण कर उन्हें भीख मंगवाने, देह व्यापार और मानव तस्करी जैसे घिनौने धंधों में झोंक देता था.


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए  कुल 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.

 

गिरफ्तार आरोपियों में विरोधी खेरवार, एंथोनी खेरवार, प्रमोद कुमार, आशिक गोप, राज रवानी, नव खेरवार, सोनी कुमारी, चांदनी देवी, सीता देवी, दिनू भुइयां, संन्यासी खेरवार, मालिन देवी, बेबी देवी, सोनिया देवी और उपैया खेरवार शामिल हैं. एसएसपी राकेश रंजन ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया है.

 

रामगढ़ से गिरफ्तार अभियुक्तों ने खोले राज 

इस पूरे मामले की शुरुआत एक बच्चे के अपहरण की जांच से हुई थी. तलाश के दौरान एसआईटी को रामगढ़ से अहम सुराग मिले और बच्चों को सकुशल बरामद किया. 

 

इस दौरान पुलिस ने दो मुख्य अभियुक्तों नव खरवार और सोनी कुमारी को गिरफ्तार किया. रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने संगठित नेटवर्क का खुलासा किया, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े पाए गए.

 

भीख मंगवाने और देह व्यापार के लिए होता था अपहरण

पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि यह गिरोह झारखंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी सक्रिय है. गिरोह के पुरुष और महिला सदस्य सुनियोजित तरीके से बच्चों को उठाते थे.


पुलिस जांच और बरामद बच्चों के बयान से सामने आया है कि इन मासूमों को सार्वजनिक स्थानों पर भीख मंगवाने, दूसरे राज्यों में बेचने, देह व्यापार और मानव तस्करी में इस्तेमाल किया जाता था.


12 बच्चे बरामद, 15 आरोपी सलाखों के पीछे

एसआईटी ने छापेमारी कर अब तक 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. इनकी निशानदेही पर रांची (सिल्ली), रामगढ़ (कोठार) और लातेहार (बरियातू) से कुल 12 बच्चों को मुक्त कराया गया है. 

 
बरामद बच्चों का विवरण

- दो साल पहले खादगढ़ा बस स्टैंड से अपहृत बच्ची.

- तीन साल पहले संबलपुर रेलवे स्टेशन (ओडिशा) से अपहृत एक बच्ची.

- पांच बच्चियां तीन साल पहले बरियातू (लातेहार) से अपहृत.

- दो बच्चियां तीन साल पहले धनबाद से अपहृत.

- एक बच्ची तीन साल पहले लोहरदगा से अपहृत.

- एक बच्ची एक साल पहले जगन्नाथपुर (रांची) से अपहृत.

 
बिहार और बंगाल तक फैले हैं तार

गिरफ्तार आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया है कि कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिले और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में बेच दिया गया था.पुलिस उन बच्चों की पहचान और बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है.

 

एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि यह नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें और भी लोगों की संलिप्तता की संभावना है. एसआईटी लगातार छापेमारी कर रही है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं.

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