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बेहतर कुशल प्रबंधन के लिए रांची के प्रधान आयकर आयुक्त डॉ प्रभाकांत को मिलेगा सीबीडीटी प्रमाण पत्र

Ranchi: रांची के प्रधान आयकर आयुक्त डॉ प्रभाकांत को बेहतर कुशल प्रबंधन के लिए सीबीडीटी प्रमाण पत्र मिलेगा. 21 अगस्त को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण डॉ प्रभाकांत को यह प्रमाण पत्र सौंपेंगी. प्रभाकांत को यह प्रमाण पत्र 33 साल से अधिक बेहतर कुशल प्रबंधन और मेधावी सेवा के लिए दिया जा रहा है. खास बात यह है कि इस प्रमाण पत्र के लिए आयकर विभाग के 50000 से अधिक कर्मियों में से कुल 22 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार के लिए चुना गया है. इसे भी पढ़ें -पूर्व">https://lagatar.in/former-cm-champai-broke-his-silence-said-i-did-not-meet-anyone/">पूर्व

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प्रभाकांत ने अपने करियर में हासिल की हैं कई उपलब्धियां

प्रधान आयकर आयुक्त डॉ प्रभाकांत ने अपने करियर में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. उन्होंने उद्योगों का मामले में जहां एकत्र किए गए सबूतों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी हुई, जिसे सही ठहराया गया. अपनी खोजी क्षमता का परिचय दिया. कर चोरी से निपटने में एक बेंच मार्क भी स्थापित किया. लगातार उच्च राजस्व हासिल किया डॉ प्रभाकांत ने अपनी रणनीतिक पहल से लगातार उच्च राजस्व हासिल किया. बुनियादी ढांचे में सुधार और कठोर मूल्यांकन कर कर संग्रह में अपनी दक्षता का परिचय दिया. टीडीएस कार्यों के कम्प्यूटरीकरण का नेतृत्व किया. मैनुअल प्रक्रिया को एक मजबूत ई-फाइलिंग सिस्टम में बदला मैनुअल प्रक्रिया को एक मजबूत ई-फाइलिंग प्रणाली में बदला. कटौती सत्यापन को सुव्यवस्थित किया और कुशल कर प्रशासन की नींव रखी. प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक के रूप में निभाई अहम भूमिका प्रभाकांत ने प्रवर्तन निदेशालय में संयुक्त निदेशक के रूप में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. फेरा और फेमा और बाद में पीएमएलए में परिवर्तन के दौरान भी उनकी भूमिका अहम रही. मधु कोड़ा प्रकरण और 2जी घोटाले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों को कानूनी रूप दिया गया.

ये भी रही हैं प्रभाकांत की उपलब्धियां

• नेहरू युवा केंद्र संगठन में महानिदेशक के रूप में अपना योगदान दिया. • संचालन का आधुनिकीकरण, कैडर लागू करके एनवाईकेएस को पुनर्जीवित किया. • अपने बजट और आउटरीच में उल्लेखनीय रूप से विस्तार किया. • कौशल विकास कार्यक्रम और जैसी प्रभावशाली पहल की शुरुआत की • अंतर्राष्ट्रीय कर विवाद को निपटाया • फॉर्म के प्रभावी संचालन के लिए परिचालन प्रोटोकॉल विकसित किया गया • विदेशी मुद्रा प्रेषण की निगरानी को बढ़ाया और धोखाधड़ी का पता लगाय़ा. इसे भी पढ़ें - अजमेर">https://lagatar.in/ajmer-1992-case-life-imprisonment-to-six-for-sexual-exploitation-of-more-than-100-girls/">अजमेर

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