यीशु मनुष्य के लिए मुक्तिदाता हैंः आर्चबिशप
आर्चबिशप विसेंट आइंद ने सभा को संदेश देते हुए कहा कि यीशु मनुष्य के लिए मुक्तिदाता हैं. लेकिन हमारे राजा हैं. राजनैतिक दृष्टि कोण से नहीं, लेकिन हमारे राजा हैं. सांसारिक नहीं हैं. हमारे व्यवहार सोच- विचार होता है, जो हम बहुत सारी चीजों को प्राथमिकता देते हैं. इनमे से बहुत सारे सांसरिक होते हैं. जहां सांसरिक बातें होती हैं. दुनियावी व्यवहार होता है. वहां प्रभु का राज नहीं होता है. प्रभु के राज्य में तो दयनीय, स्वर्गीय वातावरण, सोच, बातचीत, व्यवहार होता है. यीशु को जीवन में लाकर रोज विश्वास से जीना है कि यीशु हमारा राजा है. हमारा व्यवहार भी सांसारिक न होकर यीशु के बताये संदेश के अनुसार होना चाहिए. इसलिए रोज का व्यवहार, वातारण, बातचीत, तौर तरीके में जीवन शैली में देख सके. सचमुच हमारे लिए यीशु राजा हैं. हमारे व्यवहार, जीवन से दूसरों से थोडा अलग होना चाहिए है. ताकि लोग कहे यीशु प्रेमी कैसे इतने प्रेम से रहते हैं. इनके परिवार में क्यो शांति है. यीशु प्रेमी में भी कठिनाई, बीमारी, गरीबी, तकलीफ होती है. इसके बावजूद इनके जीवन में प्रेम, मेल मेलाप, सहज भाव, सेवा भाव, क्षमा का भाव रहता है. 2025 वर्ष बीत गए. लेकिन यीशु का राज समाप्त नहीं हुआ है. इतिहास बताता है कि सैकडों बलशाली राजाओं का राज हुआ करता था. उनके पास बड़ा सामाज्य हुआ करता था. लेकिन सब इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह गए. एकमात्र राज्य है. वह यीशु का राज्य है.सुनाया फ्रांस के राजा नोपोलियन बोनापार्ट का संदेश
फ्रांस के राजा नोपोलियन बोनापार्ट का संदेश को सुनाया कहा कि नेपोलियन बोनाबार्ट राजाओं में से एक राजा था. जिसका छोटा सा कद था. लेकिन बहुत बड़ा साम्राट था. उनके पास काफी सेना थी. उन्होंने पूरा यूरोप को अपना बहुबाली शक्ति से अधीन कर लिया था. अपने समय में विख्यात हो गया था. आज उसी के वचन में स्वीकार किया था. कहा कि अपने समय में साम्राज्य का विस्तार अपने बाहुबल, शक्ति से, प्रेम से राज्य स्थापित किया. अब भी टिका हुआ है और आगे भी टिका रहेगा. ये वचन नोपोलियन बोनापार्ट का संदेश है. इस समय से यीशु को राजा मान रहे हैं. यीशु के लिए सच्ची प्रजा बनने की कोशिश करें. उनके अनुकूल जीवन को बनायें. उसी के जीवन मे सेवाभाव, प्रेमभाव, क्षमाभाव को जोड़ दें. परिवार को आपसी संबंध औऱ समुदाय से जोड़ दें. यही विश्वासियों का नारा होगा. हमारे जीवन के सादगी में ये यह नारा गूज उठेगा. लोगों को बता सकते हैं दूसरे लोग स्वीकार कर सके कि सचमुच यीशु राजा है. उनके राज्य में कोई भी सदस्य बन सकता है. सेवा का भाव अपना सकता है. इसे भी पढ़ें - 26">https://lagatar.in/hemant-soren-can-take-oath-as-cm-on-november-26-mamta-rahul-akhilesh-tejashwi-are-likely-to-attend/">26नवंबर को हेमंत सोरेन ले सकते हैं सीएम पद की शपथ, ममता, राहुल, अखिलेश,तेजस्वी के शामिल होने की संभावना [wpse_comments_template]
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