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रांचीः शालीमार बाजार में अधिक शुल्क वसूली को लेकर विरोध

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Ranchi: एचईसी के साप्ताहिक शालीमार बाजार में दर से ज्यादा वसूली के विरोध में विक्रेताओं ने मंगलवार को बाजार बंद रखा. सभी विक्रेताओं ने अधिक वसूली के विरोध में प्रदर्शन किया. इस दौरान काफी संख्या में सब्जी बेचने वाली महिलाएं मौजूद थीं. पीड़ित महिलाओं ने कहा कि बाजार में सब्जी विक्रेताओं ने टेंडर मालिक तय शुल्क से ज्यादा वसूली करते हैं. पैसा नहीं देने पर मारपीट की नौबत आ जाती है. छोटे सब्जी विक्रेताओं ने कहा कि सब्जी नहीं बिकने पर भी शुल्क लिया जाता है. उनसे दुकान लगाने के बदले 50 से 100 रुपया महसूल लिया जाता है. वहीं कुछ ने कहा कि प्रति क्विंंटल पर पैसे की मांग की जाती है. इसे पढ़ें- धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-the-voice-of-peoples-rights-will-have-to-reach-the-parliament-2-news-from-tetulmari-including-jairam/">धनबाद

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इसके बाद मामले को लेकर शिकायत दर्ज करने धुर्वा थाना पहुंचे. विक्रेता धुर्वा थाना प्रभारी से मिले. थाना प्रभारी ने उन्हें आश्वासन दिया की अवैध वसूली वे बंद करवा देंगे. इसके साथ जो भी रेट चार्ट है, उसी के अनुसार शुल्क देना होगा. अगली बैठक में सब्जी विक्रेता और टेंडर मालिक के साथ बात कर शुल्क को बोर्ड पर लगा दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें- झारखंड">https://lagatar.in/hemant-is-a-child-of-jharkhand-struggle-is-the-identity-of-jmm-supriyo/">झारखंड

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टेंडर मालिक ने अपने पक्ष में कहा कि हायर प्राइस के साथ उन्होंने इसका टेंडर लिया है. हर महीना 5 लाख रुपये एचईसी को देना पड़ता है. जिन लोगों ने आज हंगामा करवाया है वे ही पहले ठेकेदार थे. अगर एचईसी के रेट से शुल्क वसूली कर एचईसी को हर माह 5 लाख भुगतान कर सकते है तो वे टेंडर उनके नाम लिखने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा की वे काफी दिनों से बाज़ार चला रहे हैं. आपसी सहमति के साथ बढ़ी हुई क़ीमत के साथ शुल्क लिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि आलू प्याज वालों से 90 रुपये लिये जाते हैं. इस शुल्क को बढ़ाने को कहा गया था. जिसपर उन्होने बात करने की बात कही थी. लेकिन कुछ लोगों ने इसे पॉलिटिकल इशू बनाते हुए विद्रोह करा दिया. यह शुल्क वसूलने वालों की ओर से दुकानदारों के बीच की बात थी, लेकिन कुछ लोग इसे पॉलिटिक्स बना दिया. उन्हाेंने कहा कि उन्होंने किसी को भी दुकान लगाने से नहीं रोका है. [wpse_comments_template]

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