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रांची: नगर निकाय चुनाव से पहले जनता का फूटा गुस्सा, पुराने पार्षदों से मोहभंग

Ranchi (Basant Munda): झारखंड में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है. शहर के अलग–अलग वार्डों में सियासी हलचल तेज हो गई है. चुनावी पारा चढ़ गया है. राजधानी रांची में वार्ड संख्या एक से पांच तक की जनता ने खुलकर अपनी समस्याएं बताई. कांके, सिंदवार टोली, बनियाटोली और खिजुर टोली के लोगों ने बताया कि वर्षों से वे सड़क, नाली, पानी और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुझ रहे है. लोगों ने कहा अब पुराने पार्षदों पर भरोसा नहीं है. इस बार नए चेहरे को मौका देंगे.

 

वार्ड नं.1- सड़क नहीं, हादसों का मार्ग है 

वार्ड नंबर एक की सड़कें वर्षों से मरम्मत की राह देख रही हैं. सड़कें जर्जर हालत में तब्दील हो चुकी है. इन सड़कों पर ई-रिक्शा पलटना आम बात हो गई है. अब तक दर्जनों लोग हाथ-पैर तुड़वा चुके हैं. स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि बेमौसम कांके डैम का पानी सड़क पर बहने लगता है. विधायक से लेकर पूर्व पार्षद तक सभी से शिकायतें की गई, लेकिन नतीजा नहीं निकल पाया है. लोगों ने कहा- जो भी वोट मांगने आएगा, पहले सड़क बनाएगा, तभी वोट मिलेगा.

 

वार्ड नं.2 - नालियां बनीं, लेकिन सफाई भगवान भरोसे

मोरहाबादी स्थित मिसिर गोंदा में नाली की समस्या विकराल रूप ले चुकी है. नालियां तो बनी हैं, लेकिन सफाई न होने से नाली का पानी और कीचर सड़कों पर बहता रहता है. अधिकांश नालियां आज भी खुली हैं, जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है. नगर निगम से कई बार शिकायत के बावजूद न तो नाली साफ होती है और न ही सड़क साफ होती है. लोगों ने कहा नगर निगम पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है.

 

वार्ड नं.3- गर्मी में टैंकर ही बनता सहारा

सिंदवार टोली में आज भी बुनियादी सुविधाएं अधूरी हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर तो बने, लेकिन पूरी राशि नहीं मिली सिर्फ दो किस्तों में ही योजना दम तोड़ गई. गर्मी के मौसम में हालात और बदतर हो जाते हैं. सुबह-शाम नगर निगम के टैंकर से पानी मंगवाना मजबूरी है, तभी प्यास बुझती है. इस बार लोगों ने नए प्रतिनिधि को आजमाने का मन बना लिया है.

 

वार्ड नं.4 - कच्ची सड़क, अंधेरा और गंदगी की मार

मोरहाबादी स्थित बनियाटोली के सामने का इलाका आज भी विकास से कोसों दूर है. जहां आज भी पक्की सड़कें नहीं बनी है. कच्ची सड़क पर चलना मजबूरी है, बरसात के दिनों में इन रास्तों से आवागमन मुश्किल हो जाता है. सड़क, पानी और स्ट्रीट लाइट तीनों समस्याओं को लेकर पूर्व पार्षदों को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन समाधान नहीं निकला.लोगो ने कहा इस बार बदलाव तय है.

 

वार्ड नं.5 – खोदी गई सड़कें, भरे नहीं गए गड्ढे

बुटी स्थित खिजुर टोली में पाइपलाइन के नाम पर सड़कें खोद दी गईं, लेकिन गड्ढे आज तक ठीक से भरे नहीं गए हैं. जगह-जगह बने गड्ढों के कारण पैदल चलना दूभर हो गया है. नगर निगम की सफाई गाड़ी नजर नहीं आती, न ही सड़क मरम्मत की कोई पहल हो पाई है. खासकर बाइक चालक और ई-रिक्शा चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.

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