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रांची: 5 लाख का इनामी रवींद्र मेहता का खुलासा, कहा- प्रेम मिश्रा ने नक्सली को छकरबंधा छोड़ने को कहा

Ranchi:  झारखंड पुलिस ने बीते दिनों पांच लाख के इनामी नक्सली रवींद्र मेहता उर्फ छोटा व्यास को गिरफ्तार किया था. उससे पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारी पुलिस को मिली है. जानकारी के मुताबिक छोटा व्यास ने पुलिस को बताया है कि भाकपा माओवादी छकरबंधा से झारखंड बिहार सीमावर्ती इलाके में अपनी गतिविधि का संचालन करते थे. लेकिन पिछले डेढ़ महीने में माओवादियों को वहां बड़ा नुकसान हुआ है. उसने पुलिस को बताया कि छकरबंधा के इलाके में माओवादी संदीप यादव की मौत के बाद मध्यजोन में किसी भी कमांडर को एक दूसरे पर विश्वास नहीं रहा. संदीप यादव उर्फ विजय यादव माओवादियों के मध्य जोन का सुप्रीम कमांडर हुआ करता था. उसकी मौत के बाद माओवादी मध्य जोन में खास जाति वर्ग के कमांडर की तलाश कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें-कृषि">https://lagatar.in/pm-modis-focus-on-agriculture-and-farmers-development-radha-mohan-singh/">कृषि

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संजीव यादव की मौत के बाद सकते में नक्सली

रविंद्र मेहता ने पुलिस को बताया कि संदीप यादव की मौत के बाद पोलित ब्यूरो मेंबर प्रमोद मिश्रा ने सभी कमांडरों को छकरबंधा छोड़ने को कहा था. उसने बताया है कि वह संजय गोदराम के दस्ते में था. सभी कमांडर अलग-अलग दस्तों के साथ निकल गए थे. प्रमोद मिश्रा ने सभी को अपने-अपने प्रभाव वाले इलाके में जाने को कहा था. इस दौरान निर्देश मिला था कि सही वक्त आने के बाद सभी को पत्र के माध्यम से सूचित किया जाएगा. उसके बाद प्रमोद मिश्रा खुद दूसरे इलाके में चला गया. इसे भी पढ़ें-धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-hemant-sold-the-straw-of-the-state-to-middlemen-in-two-and-a-half-years-raghuvar-das/">धनबाद

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माओवादियों के मध्य जोन से मिलती है सबसे ज्यादा लेवी

माओवादियों के मध्य जोन में पलामू, गढ़वा, चतरा और बिहार का गया औरंगाबाद और रोहतास का इलाका शामिल है. झारखंड-बिहार में माओवादियों को मध्य जोन से ही सबसे अधिक लेवी भी मिलती थी. पलामू, चतरा, बिहार के गया और औरंगाबाद सीमावर्ती इलाके में मौजूद छकरबंधा से माओवादी इलाके में गतिविधि का संचालन करते थे. [wpse_comments_template]

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