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जीवन को बदलने का पासपोर्ट है शिक्षा- कुमारी शिबूलाल
सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन की संरक्षक श्रीमती कुमारी शिबूलाल के अनुसार, “हमें इस साल झारखण्ड में विद्याधन कार्यक्रम शुरू करते हुए बहुत खुशी हो रही है. हमारा प्रयास आर्थिक रूप से वंचित प्रत्येक मेधावी बच्चे को उच्च शिक्षा का अधिकार प्रदान करना है. मेरा मानना है कि शिक्षा जीवन को बदलने का पासपोर्ट है. मौद्रिक सहायता के अलावा हम उन्हें अपने जीवन में सफल होने में मदद करने के लिए करियर मार्गदर्शन और सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं. हम सभी योग्य छात्रों/छात्राओं को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. मैं बाहरी व्यक्तियों को भी विद्याधन मंच से जुड़ने के लिए आमंत्रित करती हूं. इसे भी पढ़ें-तांतनगर:">https://lagatar.in/tantnagar-the-house-of-five-families-of-meromahonor-panchayat-of-manjhari-got-submerged-due-to-torrential-rains/">तांतनगर:मूसलाधार बारिश से धंस गया मंझारी की मेरोमहोनोर पंचायत के पांच परिवार का घर
27 हजार छात्रवृत्तियां प्रदान की गई
सरोजिनी दामोदरन फाउंडेशन ने इस वर्ष तक लगभग 27000 छात्रवृत्तियां दी हैं. फाउंडेशन के संरक्षकों को उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों में यह संख्या 1,00,000 छात्रवृत्तियों तक पहुंच जाएगा. यह केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, गुजरात, उड़ीसा, दिल्ली, लद्दाख, महाराष्ट्र और गोवा स्थापित है, और इस वर्ष झारखंड, बिहार पंजाब में आरंभ किया जा रहा है. विद्याधन टीम को कार्यक्रम से बहुत आशाएं है कि आने वाले वर्षों में यह कार्यक्रम झारखंड के विद्यार्थियों की प्रगति का एक विश्वसनीय माध्यम बनेगा और उनके सपनों को नई उड़ान देगा. इसे भी पढ़ें-हजारीबाग:">https://lagatar.in/hazaribagh-when-water-entered-the-house-it-was-uplifted/">हजारीबाग:घर में घुसा पानी तो करा दिया अपलिफ्ट [wpse_comments_template]

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