योजना का उद्देश्य
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के उद्देश्य कई हैं. इसमें शामिल हैं.- महिला सशक्तिकरण.
- बालिका शिक्षा पर जोर.
- बाल विवाद प्रथा का अंत करना.
- उच्चतर कक्षाओं में बालिकाओं के शैक्षणिक खर्च में सहयोग कर उनके द्वारा स्कूल छोड़ने को कम करना और उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना.
- किशोरियों को अपने जीवन के संबंध में स्वतंत्र तरीके से निर्णय लेने के लिए सक्षम बनाना.
किशोरियों को निम्न तरीके से दिया जाएगा आर्थिक लाभ
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना छात्राओं के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना है. इससे बच्चियों की पढ़ाई को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके तहत 18 से 19 वर्ष की लड़कियों को एकमुश्त 20,000 रुपए का अनुदान मिलेगा. पूरी अवधि में किशोरियों को 40,000 रूपए की आर्थिक मदद दी जाएगी. यह आर्थिक मदद लाभुक किशोरियों को क्रमवार कक्षाओं में नामांकन लेने पर दिया जायेगा.- कक्षा 8 में नामांकन - 2500 रुपए
- कक्षा 9 में नामांकन – 2500 रुपए
- कक्षा 10 में नामांकन – 5,000 रुपए
- कक्षा 11 में नामांकन – 5000 रुपए
- कक्षा 12 में नामांकन – 5000 रुपए
- 18 से 19 साल की आयु पूरी करने वालीं बालिका को एकमुश्त– 20,000 रुपए.
8,86,660 लाख किशोरियों पर होंगे 479 करोड़ रुपए खर्च
8,86,660 लाख किशोरियों को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य सरकार कुल 479 करोड़ रुपए खर्च करेगी. खर्च वित्तीय वर्ष 2022-23 में किया जाएगा. हालांकि वित्तीय वर्ष के लिए 114.79 करोड़ रुपए का ही बजटीय प्रावधान है. बाकी राशि को आगामी अनुपूरक बजट के माध्यम से दी जाएगी.- कक्षा 8 में नामांकन लेने वाली 2,57,729 किशोरियों पर कुल 64,43,22,500 रुपए.
- कक्षा 9 में नामांकन लेने वाली 1,73,976 किशोरियों पर कुल 43,49,40,000 रुपए.
- कक्षा 10 में नामांकन लेने वाली 1,60,092 किशोरियों पर कुल 80,04,60,000 रुपए.
- कक्षा 11 में नामांकन लेने वाली 1.02,513 किशोरियों पर कुल 51,25,65,000 रुपए.
- कक्षा 12 में नामांकन लेने वाली 96,350 किशोरियों पर कुल 48,17,50,000 रुपए.
- 18 से 19 साल की आयु पूरी करने वाली 96,000 बालिकाओं पर 1,92,00,00,000 रुपए
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता
योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी द्वारा आवेदन किया जाएगा. आवेदन करने की तिथि तक निम्न पात्रता जरूरी होगा.- यह सहायता माता (किसी महिला) की प्रथम दो पुत्रियों को ही मिलेगा. इसके लिए लाभार्थी की माता को स्व-घोषणा पत्र देना होगा.
- योजना का लाभ झारखंड सरकार द्वारा संचालित या अनुदानिक विद्यालयों में कक्षा 8 से 12 में पढ़ रही किशोरियों को मिलेगा.
- लाभार्थी किशोरी के माता-पिता केंद्र और राज्य सरकार या उसके उपक्रम में स्थायी रूप से काम नहीं करते होंगे एवं वे रिटायरमेंट के बाद पेंशन का लाभ नहीं ले रहे होंगे. किसी तरह वे इनकम टैक्स पेयर भी नहीं होंगे.
- किशोरियों को बर्थ सर्टिफिकेट के साथ-साथ बैंक में या पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध एकाउंट भी आवेदन के साथ देना होगा.
- माता की मृत्यु की स्थिति में सारे आवश्यक कागजात पिता के लगेंगे, लेकिन माता की मृत्यु का डेथ सर्टिफिकेट आवेदन के साथ देना होगा.
- माता-पिता दोनों के मृत्यू होने पर किशोरी के अभिभावक माता-पिता का कागजात आवेदन के साथ लगेगा.
- सारे आवेदन बाल विकास परियोजना कार्यालय में जमा होंगे. उसके बाद परियोजना से संबंधित पर्यवेक्षिका द्वारा लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा.
- आवेदन योग्य पाए जाने पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को अनुशंसा की जाएगी. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा स्वीकार के बाद लाभुक के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी.
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