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Ranchi : अपर बाजार के दुकानदारों को 3 दिन में दुकान खाली करने का नोटिस, व्यापारियों में बढ़ी चिंता

Ranchi : नगर निगम ने अपर बाजार के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को तीन दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसके बाद से व्यापारियों में नाराजगी और भय का माहौल है. सोमवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने नोटिस को पूरी तरह अव्यावहारिक बताते हुए वापस लेने की मांग की. उन्होंने सरकार और नगर निगम से बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया.
 
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Ranchi : नगर निगम ने अपर बाजार के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को तीन दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का नोटिस जारी किया था. जिसके बाद से व्यापारियों में नाराजगी और भय का माहौल है. सोमवार को चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने नोटिस को पूरी तरह अव्यावहारिक बताते हुए वापस लेने की मांग की. उन्होंने सरकार और नगर निगम से बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया.


70-80 वर्षों से चल रहा कारोबार, तीन दिन में कैसे हटे

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने बताया कि अपर बाजार में लगभग साढ़े चार एकड़ क्षेत्र में 608 दुकानें संचालित हैं. इनमें कई व्यापारी पिछले 70 से 80 वर्षों से अपना व्यवसाय कर रहे हैं. इतने कम समय में दूसरी जगह स्थानांतरित करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में नगर आयुक्त को ज्ञापन भी सौंपा गया है.

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बैठक करते हुए चैंबर सदस्य


50 हजार लोगों की आजीविका और शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर 

आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि अपर अपर बाजार के दुकानदारों से करीब 50 हजार लोगों का रोजगार चलता है. शहर के राजस्व में भी इस बाजार का बड़ा योगदान है. यदि बिना योजना के कार्रवाई की गई तो इसका असर हजारों परिवारों के साथ-साथ शहर की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. पूर्व अध्यक्ष राम बांगर ने कहा कि किसी भी बाजार को हटाने से पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है. नगर निगम ने बिना किसी तैयारी के नोटिस जारी कर दिया, जो पूरी तरह तुगलकी फैसला है. सरकार को इस मामले का समाधान निकालना चाहिए.


व्यापारियों के साथ बैठकर निकाले समाधान

राकेश राव ने कहा कि नगर निगम को व्यापारियों के साथ मिलकर समाधान निकालना चाहिए. ट्रांसपोर्ट नगर बनकर तैयार है, लेकिन उसका उपयोग अब तक नहीं हो रहा है. पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए.

 

मुकेश अग्रवाल ने कहा कि कई दुकानदारों की जमीन पूर्वजों के नाम से है. नोटिस के बाद व्यापारियों में मानसिक तनाव बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि यह पूर्वी भारत का प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां से हजारों परिवारों का भरण-पोषण होता है.


जाम का कारण व्यापार नहीं, भारी वाहनों की आवाजाही

चैंबर के प्रतिनिधि प्रवीण लोहिया ने कहा कि नगर निगम के नोटिस से व्यापारियों में भय का माहौल है, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि जाम का मुख्य कारण व्यापार नहीं, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही और अव्यवस्थित पार्किंग है.

 

डंपिंग यार्ड को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए और बकरी बाजार में मल्टीलेवल पार्किग की व्यवस्था करना चाहिए. उन्होंने तीन दिन के नोटिस वापस लेने की मांग की.

 

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