Ranchi : सिल्क समग्र-वन का समापन हो गया. अब सिल्क समग्र-दो योजना शुरू होने वाली है. जिसका फोकस इस बार संथाल और कोल्हान प्रमंडल होगा. इसके इंप्लीमेंटशन के लिए आज उद्योग निदेशालय, रातू रोड में हस्तकरघा, रेशम और हस्तशिल्प निदेशालय के बैनर तले कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में केंद्रीय रेशम बोर्ड बैंगलुरू, कोलकाता, मालदा, बरहमपुर, सीटीआर एंड आईटी नगड़ के वैज्ञानिक एवं निदेशालय के अफसर और कर्मचारी शामिल हुए. इसे भी पढ़ें–जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-former-bjp-state-spokesperson-amarpreet-singh-kale-met-the-president/">जमशेदपुर
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रेशम किसानों तक पहुंचना जरूरी- आकांक्षा रंजन
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए निदेशक आकांक्षा रंजन ने कहा कि सिल्क समग्र-दो का फोकस इस बार संथाल और कोल्हान प्रमंडल रहेगा. इसलिए इसका क्रियान्यवन कैसे हो. इसकी जानकारी जरूरी है. रेशम कृषि से जुड़े किसानों के बीच कैसे पहुंचा जाए और इसका फायदा उन्हें कैसे मिले. इस दिशा में हमें फोकस करना है. यह योजना की राशि का वहन 80 फीसदी केंद्र सरकार, 10 प्रतिशत राज्य सरकार और 10 प्रतिशत लाभुकों को करना है. रेशम दूत के द्वारा किसानों को बीज, भवन एवं अन्य समाग्री का वितरण किया जाना है. कीटपालकों को कीट की रक्षा एवं उससे उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर करना है. इसके तहत रिलिग यूनिट की स्थापना, रिलिंग यूनिट के लिए मशीनरी सपोर्ट और सप्लाई ऑफ होट एयर कन्वेंस की आदि कार्य किए जाने हैं. इसके तहत रिलिंग यूनिट की स्थापना खूंटी में किया एनजीओ के माध्यम से किया जाना है. इस मौके पर डिप्टी डायरेक्टर निरंजना तिर्की सहित केंद्रीय रेशम बोर्ड के कई अफसर और एक्सपर्ट उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें–गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-22-tribal-children-leave-for-ayodhya/">गिरिडीह: 22 आदिवासी बच्चे अयोध्या रवाना [wpse_comments_template]
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