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रांचीः पीवीआर-न्यूक्लियस मॉल में "कुसुम का बियाह" की स्पेशल स्क्रिनिंग

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Ranchi: राजधानी रांची के पीवीआर-न्यूक्लियस मॉल में "कुसुम का बियाह" की स्पेशल स्क्रिनिंग हुई. कहानी  कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान एक वास्तविक जीवन की घटना पर आधारित है. यह फिल्म एक मार्च 2024 को सिनेमाघरों में आने वाली है. सुभेंदु राज घोष द्वारा निर्देशित "कुसुम का बियाह" एक बहुत ही उत्कृष्ट फिल्म है जो आम लोगों के जीवन की अनोखी परिस्थितियों को दिखाती है. प्रदीप चोपड़ा ने अपने अभिनय से सबको हैरान कर दिया है. ऐसा लगता ही नहीं कि अभिनय में उनका पदार्पण आकष्मिक था. उन्होंने अपनी भूमिका को बहुत ही खूबसूरती से निभाया. उनका अभिनय इतना शानदार है कि उन्हें मुंबई में एक बड़े फिल्म पुरस्कार समारोह में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार और श्रीनगर के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला. फिल्म की तारीफ इसकी उत्कृष्टता का प्रमाण है. इसे बेतिया अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार और श्रीनगर के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सामाजिक उद्देश्य के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला है. इसने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करके गोवा अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी सर्वश्रेष्ठ फिल्म का खिताब हासिल किया. कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान एक वास्तविक जीवन की घटना पर आधारित, "कुसुम का बियाह" एक जोड़े की अस्त-व्यस्त शादी की कहानी है, जो महामारी की सामाजिक चुनौतियों पर ध्यान देती है. यह फिल्म सांस्कृतिक विरासत को समर्पित है और संथाली जनजाति की परंपराओं को विस्तार से दर्शाती है. इसका संस्करण कई भाषाओं में उपलब्ध है और इसकी आकर्षक संगीत स्कोर ने दर्शकों को मोहित कर दिया है. इस फिल्म की संगीत ने जी म्यूजिक पर भी अच्छा प्रभाव डाला है. प्रदीप चोपड़ा ने थोड़ी देर से शुरुआत की, पर उनका अभिनय देख कर लगता ही नही कि वह अभिनय के क्षेत्र में नये हैं. उनकी सहानुभूति भरी एक्टिंग और अद्भुत क्षमता ने इस फिल्म को चमकाया है जो मानवीय मुद्दों के साथ-साथ एक रोमांचक कहानी को भी दर्शाती है. फिल्म का ट्रेलर और संगीत ने पहले ही जी म्यूजिक कंपनी की ध्यान आकर्षित कर लिया है, जिससे इसकी रिलीज से बहुत सारी उम्मीदें जुड़ी हैं. दर्शक अब नवविवाहित जोड़े की बहुप्रतीक्षित पहली रात का इंतजार कर रहे हैं. फिल्म सरकारी नौकरशाही और राज्य सरकारों के बीच बाद-विवाद और सुरक्षा जैसे विषयों पर भी ध्यान देती है. [wpse_comments_template]

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