हथियार तस्करी, टेरर फंडिंग समेत नक्सल मामले में नक्सली कमांडर प्रद्युम्न का बेटा तरुण से एनआईए कर रही पूछताछ
चंदा करके उनका शव विमान लाया गया
झारखंड-बिहार के प्रवासी मजदूरों ने चंदा करके राजू पंडित का शव विमान से रांची लाया. उसके पैतृक गांव बड़का आहार श्मशान घाट में दाह संस्कार कर दिया गया. अंत्येष्ठि में हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों ने मौत के लिए सरकारी व्यवस्था को ज़िम्मेदार ठहराया. .राजू पंडित कोरोना के समय गांव आया था और वह झारखंड में ही काम की तलाश में था. काम नहीं मिलने पर वह दुबारा पुणे चला गया. कुछ ही दिन हुआ था कि उसकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई.झारखंड में नहीं मिलता है काम
झारखंड निर्माण मजदूर यूनियन के महासचिव भुवनेश्वर केवट ने कहा कीिझारखंड में काम मिला होता तो वह महाराष्ट्र नहीं जाता. इस तरह की दुर्दशा सिर्फ राजू की नहीं लगभग हर मजदूरों की है. इनके दाह संस्कार में जुटे हज़ारों लोगों की भीड़ का गम और गुस्सा ये बता रहा था कि घटना के लिए झारखंड सरकार की अकर्मण्यता है. मनरेगा को सख्ती से लागू करते तो मज़दूरों के लिए वैकल्पिक रोजगार मिलता. पलायन रुकता और शायद राजू की महाराष्ट्र में मौत नहीं होती. गैड़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि श्यामा प्रसाद साहू ने कहा कि गैड़ा काफी पिछड़ा हुआ पंचायत है. यहां के गांवों से पलायन करने वाले मजदूरों का डाटा तैयार कर प्रोपर निगरानी की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी चाहिए. इसे भी पढ़ें-खूंटी">https://lagatar.in/khunti-sexual-abuse-of-a-minor-by-luring-marriage-accused-sentenced-to-20-years/">खूंटी: शादी का प्रलोभन देकर नाबालिग से यौन शोषण, आरोपी को 20 वर्ष की सजा [wpse_comments_template]

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