Ranchi: शहर में सार्वजनिक और मॉड्यूलर शौचालयों की सफाई का जिम्मा सुलभ इंटरनेशनल के पास है, लेकिन एजेंसी की लापरवाही के कारण स्थिति बदहाल होती जा रही है. गंदगी का अंबार, दुर्गंध और अव्यवस्था के चलते लोग इन शौचालयों का इस्तेमाल करने से भी कतरा रहे हैं. नगर निगम की हेल्थ ऑफिसर डॉ. किरण कुमारी ने बताया कि सुलभ इंटरनेशनल को शौचालयों की सफाई के लिए कुछ तय मानकों का पालन करना अनिवार्य है. सुलभ इंटरनेशनल की जिम्मेदारियां -यूरिनल की सफाई दिन में तीन बार करना -बाथरूम की सफाई दिन में दो बार करना -हर शौचालय में 200 लीटर पानी की टंकी रखना -शिकायत दर्ज होते ही तुरंत सफाई सुनिश्चित करना नगर निगम के अनुसार, सभी शौचालयों के गेट पर एक हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया गया है, जहां लोग सफाई की शिकायत दर्ज करा सकते हैं. दावा किया जाता है कि शिकायत मिलते ही सफाई की जाती है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. नगर निगम के इन दावों के बावजूद शहर के ज्यादातर शौचालयों में गंदगी बनी हुई है. जिन शौचालयों की सफाई दिन में दो से तीन बार होनी चाहिए, वहां हालत ऐसी है जैसे हफ्तों से सफाई नहीं हुई हो. शौचालयों के बाहर कूड़े-कचरे का ढेर लगा हुआ है. टंकियों में पानी नहीं है. बाथरूम के दरवाजे तक खराब हो चुके हैं.
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शिकायत के बाद ही सफाई क्यों? क्या यह सुलभ इंटरनेशनल की नई नीति है?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि सफाई की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसी को अपनी जिम्मेदारी खुद से क्यों नहीं निभानी चाहिए? अगर यूरिनल और बाथरूम की सफाई के लिए एक निश्चित शेड्यूल तय किया गया है, तो उसका पालन क्यों नहीं हो रहा? क्या सफाई सिर्फ तब होगी, जब कोई शिकायत करेगा? शहरवासियों का कहना है कि अगर सफाई नियमित रूप से हो रही होती, तो शौचालयों की यह दुर्दशा नहीं होती. साफ-सफाई के लिए बार-बार शिकायत करना क्या आम जनता की जिम्मेदारी है? क्या सुलभ इंटरनेशनल को स्वेच्छा से अपने काम को अंजाम नहीं देना चाहिए? नगर निगम का दावा है कि शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों की सफाई तय समय पर की जाती है, लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल अलग है. कई शौचालयों में महीनों से सफाई नहीं हुई, कई में पानी की टंकी होने के बावजूद पानी उपलब्ध नहीं है और कुछ शौचालय इतने गंदे हैं कि लोग इन्हें इस्तेमाल करने से बचते हैं. शहर के नागरिकों का कहना है कि अगर नगर निगम ने सुलभ इंटरनेशनल को सफाई का जिम्मा सौंपा है, तो इसकी निगरानी भी होनी चाहिए. केवल कागजी आदेश और दावों से शहर स्वच्छ नहीं होगा, इसके लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने होंगे. इसे भी पढ़ें – मुंबई">https://lagatar.in/mumbai-attack-convict-tahawwur-rana-appeals-to-us-sc-dont-send-me-to-india-i-am-a-pakistani-muslim-will-be-tortured/">मुंबईहमले के गुनहगार तहव्वुर राणा की अमेरिकी SC से गुहार, भारत न भेजें, पाकिस्तानी मुस्लिम हूं, प्रताड़ित करेंगे हर खबर के लिए हमें फॉलो करें Whatsapp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029VaAT9Km9RZAcTkCtgN3q
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