लेते पकड़ी गई मीरा सिंह को क्यों बनाया गया तुपुदाना ओपी का प्रभारी – बाबूलाल
सत्ता पक्ष और विपक्ष जिद पर अड़ा
मामला उतना भी पेचीदा नहीं है कि इसका हल न निकले, लेकिन 2 साल 7 महीने से सत्ता पक्ष और विपक्ष नेता प्रतिपक्ष के मामले पर जिद पर अड़े हैं. ऐसा नहीं है कि भाजपा के पास बाबूलाल मरांडी के अलावा नेता प्रतिपक्ष बनने लायक कोई और नेता नहीं है, लेकिन बीजेपी की जिद है कि बाबूलाल नहीं तो कोई नहीं. उधर सत्ता पक्ष की जिद है बाबूलाल नहीं भाजपा का कोई और नेता ही इस पद पर बैठे. सत्ता पक्ष के नेताओं ने स्पीकर के कोर्ट में अपील दायर कर बाबूलाल के दलबदल को चुनौती दे दी और मामला फंस गया. सरकार गठन के बाद शुरुआत में भाजपा ने कई बार बाबूलाल को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर हंगामा किया, लेकिन धीरे-धीरे उसकी आवाज दबती चली गई.बाबूलाल मरांडी के अलावे भाजपा के कई काबिल नेता
बाबूलाल मरांडी हर सत्र में सदन की कार्यवाही में शामिल होते हैं, लेकिन नेता प्रतिपक्ष का दर्जा और भाजपा की सद्स्यता मान्य नहीं होने के कारण वे भाजपा सद्स्यों की तरफ नहीं बैठ सकते. भाजपा की ओर से सीपी सिंह, बिरंची नारायण, भानू प्रताप शाही, नीलकंठ सिंह मुंडा, रामचंद्र चंद्रवंशी और अमर बाउरी जैसे नेता सरकार पर हमलावर रहते हैं, लेकिन भाजपा इनमें से किसी विधायक को नेता प्रतिपक्ष के रूप में आगे नहीं कर रही है. नेता प्रतिपक्ष नहीं होने के कारण सदन के अंदर भाजपा थोड़ी कमजोर तो पड़ ही जाती है, वहीं कई संवैधानिक कामकाज भी नेता प्रतिपक्ष के बिना लटके हुए हैं. इसे भी पढ़ें-सोनिया">https://lagatar.in/protest-against-eds-action-against-sonia-gandhi-congress-will-conduct-satyagraha-on-tuesday/">सोनियागांधी के खिलाफ ED की कार्रवाई का विरोध, मंगलवार को कांग्रेसी करेंगे सत्याग्रह
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