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शराब पीने के मामले में रांची अव्वल, सुखाड़ के लिए चर्चित पलामू छठे नंबर पर

शराब पीने के मामले में रांची वाले पहले नंबर पर और सुखाड़ के लिए चर्चित पलामू छठे नंबर पर है. शराब पीने में रैंकिंग का आधार शराब की खुदरा बिक्री से राज्य को मिलने वाले राजस्व का आधार है.
 

Ranchi :  शराब पीने के मामले में रांची वाले पहले नंबर पर और सुखाड़ के लिए चर्चित पलामू छठे नंबर पर है. शराब पीने में रैंकिंग का आधार शराब की खुदरा बिक्री से राज्य को मिलने वाले राजस्व का आधार है.

 

नयी उत्पाद नीति में राज्य में शराब की खुदरा दुकानों की संख्या कम की गयी है. लेकिन राजस्व का अनुमान ज्यादा किया गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल से अगस्त तक उत्पाद नीति 2022 के तहत शराब की खुदरा बिक्री हुई.

 

चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) के दौरान खुदरा शराब की बिक्री नयी उत्पाद नीति के तहत होगी. वित्तीय वर्ष 2024-25 तक शराब की खुदरा बिक्री उत्पाद नीति 2022 के तहत की गयी थी.

 

उत्पाद नीति 2022 में राज्य में शराब की खुदरा दुकानों की संख्या 1453 थी. नयी उत्पाद नीति में इसे घटाकर 1343 कर दिया गया है. उत्पाद नीति के प्रावधानों के अनुसार, शराब की खुदरा दुकानदारों को हर साल अपने दुकान की नयी बंदोबस्ती/नवीकरण कराना पड़ता है. 

 

चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 1343 शराब की खुदरा दुकानों में से अब तक 1316 दुकानों का नवीकरण किया जा चुका है. राज्य के 17 जिलों की 100 प्रतिशत दुकानों का नवीकरण किया जा चुका है. बाकी के सात जिलों 90 से 98 प्रतिशत दुकानों का नवीकरण हो चुका है.

 

उत्पाद नीति के प्रावधानों के तहत शराब की हर खुदरा दुकान से न्यूनतम गारंटी रेविन्यू (MGR) का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है. शराब के खुदरा दुकानदारों के हर कीमत पर इतना राजस्व सरकार को देने ही पड़ता है.  निर्धारित MGR से कम राजस्व मिलने पर दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करने और दंड लगाने का प्रावधान है.

 

सरकार को पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) में 4044 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था. चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) सरकार ने शराब की खुदरा दुकानों का कुल MGR 4331.50 करोड़ रुपये निर्धारित किया है. चालू वित्तीय वर्ष के लिए नवीकृत की जा चुकी दुकानों का MGR 4223.00 करोड़ रुपये है.

 

सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के लिए निर्धारित कुल MGR 4331.50 करोड़ में सबसे ज्यादा राजस्व रांची से मिलेगा. इस मामले में दूसरे नंबर पर पूर्वी सिंहभूम, तीसरे नंबर पर धनबाद, चौथे नंबर पर बोकारो, पांचवे नंबर पर हजारीबाग और छठे नंबर पर पलामू का नाम है.

 

इन जिलों का MGR वहां शराब की होने वाली बिक्री के आधार पर तैयार किया गया है. पलामू जिला सुखाड़ के लिए चर्चित है. MGR के आधार पर शराब पीने के मामले रांची अव्वल और पलामू छठे नंबर पर है.

 

चालू वित्तीय वर्ष के लिए नवीकृत खुदरा दुकान और 100 प्रतिशत नवीकरण पर मिलने वाला राजस्व

जिला दुकान नवीकरण राजस्व (करोड़ में)
रांची 150 148 809.67
खूंटी 21 19 66.72
गुमला 15 15 63.11
सिमडेगा 16 16 54.33
लोहरदगा 11 11 28.92
पूर्वी सिंहभूम 109 105 461.72
पश्चिम सिंहभूम 47 47 170.45
सरायकेला 56 56 179.08
पलामू 70 70 202.50
लातेहार 23 23 46.22
गढ़वा 41 36 74.84
हजारीबाग 62 60 251.15
चतरा 40 40 132.93
रामगढ़ 42 42 148.47
बोकारो 75 75 225.65
गिरिडीह 100 100 196.81
धनबाद 130 120 390.20
दुमका 70 70 120.78
जामताड़ा 31 31 45.30
गोड्डा 46 46 137.63
देवघर 71 71 243.61
साहेबगंज 48 48 98.65
पाकुड़ 33 33 49.99

 

 

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