Ranchi: 4 फरवरी को होने वाले आदिवासी एकता रैली को लेकर आदिवासी एकता महारैली के संयोजक लक्ष्मी नारायण मुंडा, डबलू मुंडा, आदिवासी संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवा कच्छप और दिनेश मुंडा ने करम टोली के धुमकुडिया भवन में शनिवार को पीसी की. कहा कि आदिवासी विरोधी नीतियां और आदिवासी समुदाय को आपस में लड़ाने के विरोध में 4 फरवरी को मोरहाबादी मैदान में 12 बजे आदिवासी एकता रैली का आयोजन होगा. जिसमे राज्य भर के 20 हजार आदिवासी शामिल होंगे. रैली को सफल बनाने के लिए 31 सदस्य संयोजक समिति बनाये गये हैं. 15 जनवरी 2024 को रांची में आदिवासी बुद्धिजीवियों का एक सम्मेलन होगा. रैली आदिवासी मुद्दों पर व्यापक एकता बनाने पर केंद्रित रहेगा. लोगो ने कहा कि कॉरपोरेट घराना,पूंजीपति वर्ग और जमीन माफिया द्वारा आदिवासियों पर हमले किये जा रहे हैं.आदिवासी समाज पर जातीय गिरोह सक्रिय हो गये हैं. जल,जंगल,जमीन भाषा - संस्कृति, पहचान, आदिवासी कानूनों से वंचित करने के लिए देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी), वनाधिकार अधिनियम जैसे काले कानून को आदिवासियों पर थोंपने का प्रयास किया जा रहा है. आदिवासियों की जमीन भू-माफिया तेजी से लूट रहे हैं. इसे रोकने के लिए रैली के माध्यम से हुंकार भरा जाएगा और ग्राम सभा को मजबूत करने का प्रयास होगा. इसे भी पढ़ें- Weather">https://lagatar.in/weather-alert-jharkhand-wrapped-in-fog-cold-will-increase/">Weather
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