Ranchi News: रांची विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है. कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के नवनियुक्त निदेशकों के साथ बैठक हुई. इसमें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और संस्थागत कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई.
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के पुनर्गठन, एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) के एकीकरण तथा मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट व्यवस्था लागू करने पर विचार-विमर्श हुआ.
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विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल को डायरेक्टरेट ऑफ ट्रेनिंग, प्लेसमेंट्स एंड करियर डेवलपमेंट (DTPCD) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया. इसके तहत पारदर्शी कैंपस प्लेसमेंट नीति लागू करने और फिनिशिंग स्कूल के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देने पर भी चर्चा हुई.
इसके अलावा बीबीए, बीसीए, बीजेएमसी, योगिक विज्ञान और साइबर सिक्योरिटी जैसे पाठ्यक्रमों को चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम (FYUGP) के अनुरूप समायोजित करने की योजना पर विचार किया गया. कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के साथ व्यावसायिक अध्ययन एवं कौशल विकास के लिए वैधानिक बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी चर्चा में आया.
उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की नियुक्ति, औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू तथा विद्यार्थियों के लिए 12 सप्ताह की ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) की व्यवस्था विकसित करने पर भी चर्चा हुई.
बैठक का उद्देश्य विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और निदेशालयों के बीच समन्वय बढ़ाना, शैक्षणिक गतिविधियों को मजबूत करना और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है.
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