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पीएचडी में बढ़ती चोरी रोकने के लिए रांची विवि ने उठाया कदम, पंजीकरण होगा रद्द

Rajnish Kumar Ranchi : रांची विश्वविद्यालय ने शोध अभिलेखों में साहित्यिक चोरी रोकने के लिए अधिसूचना जारी की है. रजिस्ट्रार मुकुंद चन्द्र मेहता के आदेश के अनुसार, अगर शोधार्थियों की थीसिस में अन्य कार्यों के साथ 60 प्रतिशत से अधिक समानताएं पायी जाती हैं, तो विश्वविद्यालय उस छात्र का पंजीकरण रद्द कर देगा. वहीं जिन छात्रों की थीसिस में 40 से 60 प्रतिशत समानताएं पायी जायेंगी, उन्हें एक वर्ष के लिए संशोधित स्क्रिप्ट जमा करने से रोक दिया जाएगा. 10 से 40 प्रतिशत के बीच समानता वाले लोगों को एक निर्धारित समय के भीतर संशोधित स्क्रिप्ट जमा करने के लिए कहा जाएगा. संशोधित स्क्रिप्ट जमा करने का समय छह महीने से अधिक नहीं होगा. यदि किन्हीं का 10 प्रतिशत तक समानता पायी गयी, तो थीसिस को साहित्यिक चोरी जांच प्रमाणपत्र (पीसीसी) दिया जाएगा.

विभागाध्यक्षों को दिया गया है निर्देश

अधिसूचना में कहा गया है कि विभागाध्यक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि प्री-सबमिशन सेमिनार का आयोजन निदेशक और कोऑर्डिनेटर के संयुक्त हस्ताक्षर द्वारा पीसीसी जारी होने के बाद ही किया जाए. डिटेक्शन सेल मिशन संगोष्ठी तभी आयोजित की जाती है, जब पीसीसी को निदेशक और साहित्यिक चोरी का पता लगाने वाले सेल के कोऑर्डिनेटर के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी किया जाता है. इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-jdus-meeting-ceremony-on-sunday-khiru-mahto-held-a-meeting-regarding-preparations/">झारखंड

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