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रांची विश्वविद्यालय का 35 वां दीक्षांत समारोह, गोल्ड मेडल पाकर खुश हुए विद्यार्थी

एक नजर में देखें कैसा रहा रांची विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह 79 गोल्ड मेडलिस्ट और 90 पीएचडी धारकों को दी गई डिग्री भूगोल में मिला मेयर आशा लकडा को पीएचडी की उपाधि बेस्ट ओवरऑल ग्रेजुएशन में निर्मला कॉलेज की छात्रा अंजली कुमारी को गोल्ड मेडल 106 एचडी धारक विद्यार्थियों को दी गई उपाधि 50 पीजी के विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल टॉप टेन विद्यार्थियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित कोविड-19 के तहत 35 वां दीक्षांत समारोह हुआ संपन्न राज्यपाल ने कहा भारत की एकमात्र ऐसा देश जिसमे 4 स्वदेशी व्यक्ति विकसित की है टॉपर छात्र-छात्राओं के लिए मार्गदर्शन साबित होंगी रोजगार से जुड़ी कोर्स समय की मांग है : राज्यपाल Ranchi : भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता है. दुनिया में सबसे अलग भारत की पहचान है. भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने कोरोनावायरस के दौरान चार स्वदेशी वैक्सीन विकसित किया है. उन व्यक्तियों के बदौलत ही आज हम सभी एक साथ मिलकर दीक्षांत समारोह में उपस्थित हो पाए हैं यह जश्न में हमारे देश का अहम योगदान रहा है यह बातें रांची विश्वविद्यालय के 35 वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा. राज्यपाल ने तमाम डिग्री धारी विद्यार्थियों को बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. उन्होंने लगभग 12 मिनट के संबोधन में रांची विश्वविद्यालय की कार्यशैली और विद्यार्थियों के अथक मेहनत की चर्चाएं की उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रम एवं योजनाओं से जुड़ी कक्षाएं मिलती है. विद्यार्थियों के अंदर संस्कृति और शिक्षा का ज्ञान का भंडार शिक्षा से ही संपन्न हो पाता है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/02/asha.jpg"

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रांची विश्वविद्यालय बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में बेहतर काम कर रही हैं

रांची विश्वविद्यालय में एक ऐसा वातावरण विकसित हो जिससे बाहर के राज्यों से रांची पढ़ने विद्यार्थी पहुंचे. रांची एजुकेशन हब बन चुका है. अब एजुकेशन के साथ रोजगार से जुड़ी कोर्सेज समय की मांग है. वही वाइस चांसलर कामिनी कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि रांची विश्वविद्यालय बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की दिशा में बेहतर काम कर रही हैं. रांची विश्वविद्यालय में पिछले 5 वर्षों से बेटियों ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम किया है और सबसे अधिक गोल्ड मेडल उन्हें मिले हैं. इस बात दीक्षांत समारोह में भी 79 गोल्ड मेडलिस्ट 2 में से 49 गोल्ड मेडलिस्ट महिलाएं हैं और इसके अलावा 30 गोल्ड मेडल पुरुषों को मिला है. इसे भी पढ़ें - ओवैसी">https://lagatar.in/hindu-army-will-be-given-legal-aid-in-support-of-those-who-attacked-owaisis-convoy/">ओवैसी

के काफिले पर हमला करने वालों के सपोर्ट में हिंदू सेना, कहा, कानूनी मदद दी जायेगी https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/02/samaroh.jpg"

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ओवरऑल बेस्ट ग्रेजुएशन इन आर्ट्स में आस्था भारद्वाज को सम्मानित किया गया

वही ओवरऑल बेस्ट ग्रेजुएशन का मेडल निर्मला कॉलेज की छात्रा अंजली कुमारी को दिया गया. बेस्ट ओवरऑल ग्रेजुएशन वोकेशनल कोर्स में निर्मला कॉलेज की छात्रा शिफा आफरीन को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया. ओवरऑल बेस्ट ग्रेजुएशन इन आर्ट्स में आस्था भारद्वाज को सम्मानित किया गया.  इसके अलावा बेस्ट ओवरऑल कॉमर्स में जागृति सिंह, बेस्ट ओवरऑल ग्रेजुएशन इन संगीत में कुमार दास, ग्रेजुएशन बेस्ट टीचर ट्रेनिंग में दीपिका शर्मा, ओवरऑल बेस्ट ग्रेजुएशन इन इंजीनियरिंग में किरण कुमारी, पीजी हिस्ट्री में वसुंधरा में एंथ्रोपोलॉजी में मोनिका बैग, जोग्राफी में प्रिया कुमारी इसके अलावा अन्य कई विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. कॉल 24372 डिग्रियां 35 वें दीक्षांत समारोह में बांटी गई है. इसे भी पढ़ें - रांची:">https://lagatar.in/ranchi-shopkeepers-morhabadi-again-in-mood-for-agitation/">रांची:

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विद्यार्थियों ने साझा किया अनुभव

साइकोलॉजी डिपार्टमेंट कि गोल्ड मेडलिस्ट त्रिशा शर्मा ने बताया कि 79 गोल्ड में लिस्ट में से 49 गोल्ड मेडल महिलाओं के हिस्से आया है. महिलाएं जितना सशक्त होगी उतना ही परिवार सशक्त होगा. गोल्ड मेडल पाकर आगे का रास्ता खुल गया है. पहले से अधिक मेहनत करने की जरूरत है. और तभी लक्ष्य प्राप्त हो पाएगा. केमिस्ट्री डिपार्टमेंट की गोल्ड मेडलिस्ट कुमारी प्रियंका ने बताया कि कोरोनावायरस के बीच यह दीक्षांत समारोह हमें ऊर्जा प्रदान कर रहा है. हम आगे जाकर प्रोफेसर बनेंगे. इसके लिए हमें और अधिक मेहनत करने की जरूरत है. दीक्षांत समारोह के माध्यम से हमें काफी ऊर्जा प्राप्त हुई है. यह सम्मान जीवन भर याद रहेगा. इसे भी पढ़ें - जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-new-gangs-are-giving-results-of-firing-incidents-in-the-city-competition-to-establish-supremacy/">जमशेदपुर

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