Ranchi : झारखंड में रक्तदान व्यवस्था को प्राइवेट एजेंसी को सौंपने के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. रविवार को लहू बोलेगा रक्तदान संगठन और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के नेतृत्व में परमवीर अल्बर्ट एक्का चौक पर सांकेतिक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया गया.
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदाता, रक्तवीर, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों के परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां लेकर सरकार के फैसले का विरोध किया और कई मांगें रखीं.

विरोध प्रदर्शन में शामिल महिलाएं.
प्रदर्शन के दौरान “रक्तदान सेवा है व्यापार नहीं”, सरकारी व्यवस्था को मजबूत करो, प्राइवेट एजेंसी को देने का फैसला वापस लो जैसे नारे लगाए गए. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रक्तदान जैसी सेवा को निजी हाथों में देना जनविरोधी फैसला है और इससे भ्रष्टाचार और अराजकता बढ़ेगी.
संगठनों ने आरोप लगाया कि सरकारी स्तर पर पहले ही कई फैसले अव्यवस्थित तरीके से लिए जा रहे हैं. कभी ब्लड बैंक बंद करने, कभी डोनर कार्ड बंद करने और योजनाओं की समीक्षा नहीं होने जैसे मुद्दों को उठाया गया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में निजी एजेंसी को जिम्मेदारी देना और भी खतरनाक होगा.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के मरीजों को पहले ही समय पर ब्लड नहीं मिल पाता है. अगर व्यवस्था निजी हाथों में दी गई तो स्थिति और खराब हो सकती है.
संगठनों ने मांग की कि 9 दिसंबर 2025 को विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन को लागू किया जाए. साथ ही झारखंड राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी को मजबूत करने, ब्लड बैग पर 18 प्रतिशत जीएसटी हटाने और ब्लड प्रोसेसिंग चार्ज में सब्सिडी देने की मांग भी की गई.
कार्यक्रम में नदीम खान, तारामणि साहू, अभिजीत दत्ता, संजय टोप्पो, रंजीत साहू, अजित मिश्रा, अभिजीत भट्टाचार्य, पॉवेल कुमार, सुरंजन बाडा, देवकी देवी, सुजाता कुमारी, सबिता कुमारी, अफजल अनीश, जियाउल इस्लाम, राजेंद्र मुंडा, सीमा देवी, सोनम कुमारी, प्रगति प्रकाश, बरखा लिली बाडा, बब्बर, असफर खान, मोजाहिद, शम्स तबरेज, संगीता कुमारी, बिमला कच्छप, आयुष मिश्रा, साजिद उमर और मो जावेद सहित कई लोग शामिल हुए.
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