Search

रांची: "जीवन जीने की कला के साथ-साथ मृत्यु का विज्ञान है विहंगम योग"

Shruti Prakash Ranchi: विहंगम योग संस्था की ओर से राँची के होटल रेडिसन ब्लू में रविवार को योग कार्यशाला सह स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य वक़्ता नासा के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार व संस्था के अंतरराष्ट्रीय संत शिरोमणि नामदेव महाराज थे. कार्यक्रम की शुरुआत दीप जलाकर मंगल गान के साथ की गई. इस मौके पर योग का महत्त्व व योग से मिलने वाले मानसिक, शारीरिक और आध्यत्मिक लाभ के विषय में बताया गया. बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यशाला में योग की जानकारी प्राप्त की और इसका अभ्यास किया. विहंगम योग की साधना पद्धति को अपनाकर स्वस्थ जीवन जीने की कला कार्यशाला में बताया गया. इसे भी पढ़ें-रांची:">https://lagatar.in/ranchi-trying-to-break-hindu-muslim-relationship-with-social-media-lawyer-fuzail-ahmed/">रांची:

सोशल मीडिया से हिंदू-मुसलमानों के बीच रिश्ता तोड़ने की कोशिश- वकील फुजैल अहमद

"विहंगम योग सशक्त साधना पद्धति"

इस मौके पर संत नामदेव महाराज ने बताया कि विहंगम योग अपनी सशक्त साधना पद्धति के लिए जाना जाता है. यह एक ऐसी पद्धति है जिससे 15 मिनट के नियमित अभ्यास द्वारा पूर्ण आत्मिक शक्ति प्राप्त की जा सकती है. इस पद्धति के अभ्यास हेतु कोई असामान्य जीवनशैली अपनाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि विहंगम योग संस्था की स्थापना 1924 में सद्गुरू सदाफल देव जी महाराज ने की थी. देश विदेश में आज सैकड़ों केंद्र व लाखों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं. विहंगम योग संस्थान देश में कई केंद्र संचालित कर लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ, उत्तम, और खुशी जीवन शैली जीने की कला सिखलाने का काम कर रही है. उन्होंने बताया कि विहंगम योग की साधना करनेवाला मानव कभी दुखी नहीं रह सकता, क्योंकि वह जीवन के सार को समझ जाता है. महर्षि सदाफल देवजी महाराज ने अपनी सत्रह वर्षो की कठोर तपस्या के उपरांत इस वैदिक ज्ञान को आम लोगों के लिए सुलभ बनाया. आज विहंगम योग संस्थान के कई प्रकल्प चल रहे हैं..इन प्रकल्पों के माध्यम से जनकल्याण का कार्य संपादित हो रहा है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/EEEE-1.jpg"

alt="" width="600" height="350" />

विहंगम योग से तनाव और रोग दूर भागेंगे

नासा के पूर्व वैज्ञानिक व आईआईटी के प्रोफेसर डॉ हेमंत कुमार ने कहा कि ब्रह्मविधा विहंगम के माध्यम से जीवन मे परिवर्तन आती है. उन्होंने कहा आज की भागमभाग जिंदगी में मानव शांति खो बैठा है, तो उसे योग से जुड़ना चाहिए. इससे न केवल उनका तनाव दूर होगा, बल्कि रोग भी दूर भागेंगे. जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. इससे लोग तनावग्रस्त हो जाते हैं. योग ही एक ऐसी विधा है जिससे तनाव दूर होगा. डॉ हेमंत ने कहा कि विहंगम योग की शक्ति अपार है. यह आत्मा के साथ मन की शांति मिलती है. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/ias-rajesh-prasad-of-assam-meghalaya-cadre-living-in-ranchi-died-rajesh-thakur-expressed-grief/">रांची

के रहने वाले असम-मेघालय कैडर के IAS राजेश प्रसाद का निधन, राजेश ठाकुर ने जताया शोक

कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान

इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में शांति विश्वकर्मा, रंभा सिंह, स्वाति सिन्हा, किरण प्रसाद, अनुपमा सिंह, बसंत सिन्हा, जितेंद्र सिन्हा, संजय नायक, दीपक वर्मा, विकास आर्या, राहुल कुमार, इंदु प्रसाद,अविनाश कुमार,आरती वर्मा, सुमीता सिन्हा का विशेष योगदान रहा. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp