पुलिस की निष्क्रियता से बढ़ी परेशानी
कई मामलों में थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई. लेकिन न तो उसे खोजा जा सका और ना ही उसके बारे में पता करने की पुलिस ने कोशिश की. अगर आंकड़ों की बात की जाए तो झारखंड में प्रतिदिन 2 लोग लापता हो रहे हैं. अब सवाल उठता है कि इसके पीछे कौन है? बच्चे और महिलाएं आखिर कहां गायब कर दी जा रही हैं? यह एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है. इसे भी पढ़ें-बेरमो">https://lagatar.in/bermo-minister-mithilesh-thakur-said-that-drinking-water-will-reach-every-house-of-jharkhand-by-2024/">बेरमो: मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा 2024 तक झारखंड के हर घर पहुंचेगा पीने का पानी
लापता महिला और बच्चे के आंकड़े
-पिछले तीन सालों में एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार 2,525 बच्चे और महिलाएं -एनसीआरबी के अनुसार वर्ष 2016 में 479 बच्चे और 501 महिलाएं लापत हुए -वर्ष 2017 में 420 बच्चे और 361 महिलाएं लापता हुए -वर्ष 2018 में 359 बच्चे और 399 महिलाएं लापता हुएalt="" width="728" height="487" />
राज्य से रोजाना 2 लोग हो रहे लापता
पुलिस इसे घर से भाग जाने का मामला बताकर फाइल बंद कर दे रही है. घर से लोगों के लापता होने का मामला लगातार बढ़ता ही जा रहा हैं. झारखंड पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य से रोजाना औसतन 2 लोग लापता हो रहे हैं. इनमें पुरुष, महिला और बच्चे शामिल है. लापता हुए व्यक्तियों में कई ऐसे व्यक्ति भी शामिल हैं जिसकी मौत हो चुकी. पुलिस इसे लापता हो जाने या फिर घर से बिना बताए कहीं भाग जाने का मामला बता कर पल्ला झाड़ लेती है.उठ रहे कई सवाल ?
इस बीच सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बच्चे और महिलाएं जा कहां रहे है? क्या इसके पीछे कोई तस्कर गिरोह का हाथ है ? क्या दूसरे प्रदेशों में भेज कर उनका शारीरिक एवं मानसिक शोषण किया जाता है? क्या इससे मानव तस्कर अपनी झोली भर रहे हैं? वे वाकई घर वापस नहीं लौटना चाहते या उनके साथ अनहोनी हो रही है? इसे भी पढ़ें-खूंटी">https://lagatar.in/khunti-notorious-militant-musa-alias-kateya-arrested-there-are-many-cases-of-murder-and-levy-registered/">खूंटी: कुख्यात उग्रवादी मुसा उर्फ कटेया गिरफ्तार, हत्या और लेवी के कई मामले हैं दर्ज

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