Ranchi: रंजीत सिंह ने कहा है कि रामगढ़ की जिस जमीन को पूर्व आइपीएस अमिताभ चौधरी का बताया जा रहा है, वह उनके नाम है.वर्ष 2010 में उन्होंने सत्यनारायण सिंह से जमीन खरीदी थी. म्यूटेशन भी उन्हीं के नाम है और वर्ष 2024-25 तक का रसीद उनके नाम से ही जारी हुआ है. रंजीत सिंह कई सालों तक पूर्व आइपीएस अमिताभ चौधरी के बेहद करीबी रहे हैं. वह जेएससीए के आजीवन सदस्य हैं. वह जेएससीए में समग्र रेस्टूरेंट के संचालक भी हैं. अमिताभ चौधरी के बेटे अभिषेक चौधरी द्वारा रामगढ़ के रजरप्पा थाना में 25 अप्रैल को दर्ज प्राथमिकी को लेकर रंजीत सिंह ने बताया कि दरअसल, जमीन और उस पर बने घर से उन्हें बेदखल करने की कोशिश की गई थी. इसे लेर उन्होंने 21 अप्रैल को ही पुलिस में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराया था. ऑनलाइन शिकायत में रंजीत सिंह ने निर्मला कौर पर वहां रह रहे केयर टेकर को धमकाने और आउट हाउस में रखे जमीन से संबंधित दस्तावेजों की फाइल लूटने का आरोप लगाया है. उल्लेखनीय है कि रंजीत सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अभिषेक चौधरी ने आरोप लगाया है कि जमीन उनके पिता स्व अमिताभ चौधरी की है. उन्होंने ही जमीन पर कमरे बनवाएं हैं. लंबे समय से उस जमीन पर उनक व उनके परिवार का कब्जा है. घर के बाहर एक नेम प्लेट पर उनके नाम पिता व परिवार के सदस्यों का नाम दर्ज था. जिसे हटा दिया गया. अभिषेक चौधरी द्वारा दर्ज प्राथमिकी में राजू शर्मा नामक व्यक्ति को भी अभियुक्त बनाया गया है. राजू शर्मा ने कहा है कि रंजीत सिंह या उस जमीन के साथ उनका कोई भी संबंध नहीं है. उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि प्राथमिकी में उनके नाम का जिक्र क्यों किया गया.
रंजीत सिंह ने कहा- रामगढ़ की संपत्ति मेरी, बेदखल करने की कोशिश, पहले किया है कंप्लेन
Last Updated: May 17, 2025 12:00 AM (IST)