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पढ़िए और संगठित होकर संघर्ष कीजिए : डॉ रणेन्द्र कुमार

 
Ranchi  : डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय शोध संस्थान में शुक्रवार को भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती मनाई गई. इस दौरान लोकतंत्र में संविधान का महत्व विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन टीआरआई के निदेशक डॉ रणेन्द्र कुमार ने किया. उन्होंने कहा कि संवैधानिक नैतिकता की बात बाबा साहब अंबेडकर ने कही थी. इसलिए पढ़िए और संगठित होकर संघर्ष कीजिए. तभी बाबा साहब के सपने को साकार किया जा सकता है. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा, मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के विक्टर माल्टो उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएफडब्लूएसएस के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ सहदेव राम ने किया.

संविधान सभा में थे 389 सदस्य, झारखंड से तीन सदस्य हुए थे शामिल

मौके पर टीआरआई के निदेशक डॉ रणेन्द्र कुमार ने कहा कि संविधान सभा में कुल 389 सदस्य थे. इनमें झारखंड (तत्कालीन बिहार) से 3 लोग शामिल हुए थे. इनमें जयपाल सिंह मुंडा, बोनीफेस लकड़ा व देवनाथ सामंता शामिल हुए थे. वहीं पूरे देश भर के 33 जनजातीय समुदाय के सदस्य शामिल हुए थे. डॉ रणेन्द्र ने कहा कि देश के विभिन्न जेलों में 60% विचाराधीन कैदी बंद हैं. ये आदिवासी, दलित वंचित समाज से हैं. वर्तमान में परिदृश्य बदल गया है. फॉर द पीपल, बाय द पीपल, ऑफ द पीपल की जगह कॉरपोरेट ने जगह ले ली है. 26 सितंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हर जगह आधार कार्ड की जरूरत नहीं है. लेकिन आप हालत देख लीजिए. कोई भी सरकार इस आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं है.
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