नियमित बिजली आपूर्ति के लिए ने ईई को ज्ञापन सौंपा
[caption id="attachment_669142" align="alignleft" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> नियमित बिजली आपूर्ति के लिए ने ईई को ज्ञापन सौंपा[/caption] कांग्रेस के बालूमाथ प्रखंड अध्यक्ष आमिर हयात ने विद्युत कार्यपालक अभियंता, लातेहार को बालूमाथ प्रखंड में नियमित बिजली आपूर्ति के लिए ज्ञापन सौंपा है. मो. हयात ने कहा है कि बालूमाथ एक घनी आबादी वाला कोल क्षेत्र है. यहां से बिजली पावर प्लांट के लिए स्पेशल रेलवे ट्रैक और ट्रकों के माध्यम से विभिन्न महानगरों में कोयला जाता है. यहां के कोयला से दूसरे शहर व महानगर जगमगा रहे हैं. लेकिन बालूमाथ में नियमित बिजली नहीं दी जा रही है. बिजली कटौती कर कहीं और बिजली देना यह विभाग की दोहरी नीति को दर्शाता है. उन्होंने बताया कि विगत एक माह से पूरे दिन चार से पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही है. इस भीषण गर्मी में लोगों का जीना दूभर हो गया है. छात्रों का उनकी पढ़ाई में असर पड़ रहा है.
मन का मिलन पखवाड़े में आये 33 मामलों में से 17 का निष्पादन
पारिवारिक विवाद के 12 में से 06 मामलों का हुआ निष्पादन [caption id="attachment_669143" align="alignleft" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> पारिवारिक विवाद के 12 में से 06 मामलों का हुआ निष्पादन[/caption] जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, लातेहार अखिल कुमार के मार्गदर्शन में बीते 29 मई से 14 जून तक आयोजित मन का मिलन पखवाड़ा में कुल 33 मामले मध्यस्थता के लिए आए. इन मामलों से 17 मामलों का निष्पादन कर दिया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव स्वाति विजय उपाध्याय ने यहां आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस आशय की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुल 33 मामलों में पारिवारिक विवाद के कुल 12 मामले थे. इनमें से 06 मामलों का निष्पादन किया गया. चेक बाउंस के 12 मामलों में चार मामलों का निष्पादन किया गया. इसमें कुल 7,50,000 रुपये का पक्षकारों के बीच लेन देन हुआ. सामान्य लड़ाई-झगड़े के 05 मामलों में से सभी 05 मामलों का निष्पादन कर दिया गया. जबकि जमीन विवाद के कुल 02 मामलों में से दोनों मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया. मामलों के निष्पादन के लिए डीएलएसए के प्रशिक्षित मध्यस्थकर्ता लाल अरविंद नाथ शाहदेव, पंकज कुमार, संजय कुमार व जन्मजय नाथ शाहदेव ने अहम भूमिका निभायी एवं पक्षकारों को मध्यस्थता के तहत वाद निष्पादन के लिए प्रेरित किया. इस अभियान की विशेषताओं की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इसमें मध्यस्थता में भाग लेने वाले दोनों पक्षकारों की बातें पूर्णतः गोपनीय रहती है. मध्यस्थता में भाग लेना पूर्णतः पक्षकारों की सहमति पर निर्भर है. दोनों पक्ष मिलकर विवाद का समाधान ढूंढते हैं. इससे दोनों पक्षों के समय धन व व्यक्तिगत संबंधों की रक्षा होती है. मध्यस्थता से समस्या और उसका समाधान दोनों वादी के हाथ में होते हैं. कानून इसे मानता है और न्यायलय इसका प्रोत्साहन व समर्थन करते हैं. यह प्रणाली सब पक्षों के दूरगामी हित सोचती है और समझौते की कई संभावनाएं दिखाती है. यह प्रक्रिया पारस्परिक संपर्क व बातचीत को बेहतर बनाने का अवसर देती है, जो किसी भी झगडे़ को समाप्त करने के लिए ज़रूरी है. इसका उद्देश्य भविष्य को संवारना है. बीते कल को कुरेदना नहीं है. उन्होंने बताया कि मन का मिलन पखवाड़ा के सफल समापन में मघ्यस्थतकर्ता के अलावा पुलिस पदाधिकारी व न्यायालयकर्मियों की अहम भूमिका रही. इसे भी पढ़ें : रांची:">https://lagatar.in/ranchi-part-of-rus-central-library-building-collapsed-one-student-died/">रांची:
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