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रीचार्ज खत्म, 1700 घरों में बिजली गुल

-प्री-पेड स्मार्ट मीटर ने अपना काम करना किया शुरू, शहर में 15 हजार स्मार्ट मीटर हुए प्री-पेड -शहर के साढ़े तीन लाख में 1.42 लाख लग चुके स्मार्ट मीटर, शेष अगस्त 2024 तक करना है कार्य पूर्ण Kaushal Anand Ranchi: जेबीवीएनएल के द्वारा रांची शहरी उपभोक्ताओं को लगाए जा रहे प्री-पेड स्मार्ट मीटर ने अब अपना काम करना शुरू कर दिया है. शहर में लगाए कुल मीटर को प्रथम चरण में 15 हजार को प्री-पेड में एक्टिव किया गया था. जिसके बाद 17 सौ कंज्यूमरों की बिजली स्वत: कट गई, जिन्होंने रीचार्ज नहीं कराया था. इसने बिल्कुल मोबाइल रीचार्ज के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है. जैसी कि मोबाइल में बैलेंस खत्म होने के बाद कॉलिंग स्वत: बंद हो जाती है.

रीचार्ज नहीं कराने वाले कंज्यूमरों का ऑन स्पॉट वेरिफिकेशन करेगी जेबीवीएनएल की टीम

वैसे उपभोक्ता जिनका रीचार्ज नहीं कराने के कारण बिजली कट चुकी है और लंबे समय (करीब एक महीने) तक वह कंज्यूमर अगर रीचार्ज नहीं कराते हैं, वैसे कंज्यूमरों का ऑन स्पॉट वेरिफिकेशन काम जेबीवीएनएनल करेगा. जेबीवीएनएल इसमें यह पता करने की कोशिश करेगा कि आखिरकार रीचार्ज नहीं कराने का कारण क्या है. जैसे कि क्या वह कंज्यूमर अपने घर में नहीं है. क्या उसका कनेक्शन गलत था. क्या वह मीटर बाइपास करके या अन्य अनैतिक तरीके से बिजली चोरी कर रहा है. अगर वेरिफिकेशन में ये मामले आए तो उन पर कार्रवाई की जा सकती है. उनका स्थाई पावर कट किया जा सकता है.

ऐसे करा सकते हैं रीचार्ज

अगर किसी कंज्यूमर का स्मार्ट मीटर प्री-पेड हो चुका है और उनका बैलेंस खत्म हो गया है, तो वह विभन्न तरीके से मीटर को रीचार्ज कराकर फिर से बिजली कंज्यूम कर सकता है. जेबीवीएनएल के एप्प और साइट के जरिए या फिर निकट के एटीपी मशीन के द्वारा भी वह रीचार्ज करा सकते हैं. किसी प्रकार की समस्या होने पर निकट के बिजली कार्यालय से संपर्क और सलाह ले सकते हैं.

एक वर्ष में लगे 1.42 लाख स्मार्ट मीटर, 15 हजार हो चुके हैं प्रीपेड

पिछले वर्ष अक्टूबर में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत रांची शहरी क्षेत्र के 3.50 लाख कंज्यूमरों को स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू हुआ. जिसमें अब तक 1.42 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. अगले साल अगस्त तक शहर के शेष बचे अन्य कंज्यूमरों को स्मार्ट मीटर लगा देना है. अब तक लगे कुल स्मार्ट मीटर में 15 हजार प्री-पेड हो चुके हैं. प्रथम चरण में वैसे कंज्यूमरों का स्मार्ट मीटर प्री-पेड किया जा रहा है, जो नए कनेकशन के तहत लगाए गए हैं. शेष अन्य मीटरों को प्री-पेड करने की तकनीकी प्रक्रिया जारी है.

इस तरह काम करेगा स्मार्ट मीटर, एक-एक गतिविधि की जानकारी कंज्यूमरों के मोबाइल पर होगी

इस तरह काम करेगा प्री-पेड स्मार्ट मीटर, यह होगा फायदा -इसके लगने के बाद बिजली उपभोक्ता सीधे तौर सेंट्रल कंट्रोलिंग सिस्टम के तहत जुड़ जाएंगे. यानी कि किसी भी कीमत पर कोई भी उपभोक्ता मीटर की छेड़छाड़ या मीटर बाइपास करके बिजली चोरी नहीं कर पाएगा. -स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद उपभोक्ता प्री-पेड की सुविधा से जुड़ जाएंगे. यानी मोबाइल फोन री-चार्ज करने की तर्ज पर अपनी बिजली इस्तेमाल कर पाएंगे. -अधिक दिनों तक या अधिक बकाया बिजली उपभोक्ता नहीं रख पाएंगे. सेंट्रल कंट्रोलिंग सिस्टम के तहत तहत सारे उपभोक्ताओं के बिजली खपत एवं बकाए पर पैनी नजर रखी जाएगी. अधिक बकाया होने पर तुरंत बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा. -सारा सिस्टम सर्वर, नेट सिस्टम के तहत संचालित होगा. अगर किसी उपभोक्ता के घर बिजली कट होती या लो वोल्टेज की समस्या होती तो उसे किसी को फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. स्मार्ट मीटर खुद ही इस समस्या को बिजली निगम कंट्रोलिंग सिस्टम तक पहुंचा देगा. बिजली कट होते ही स्मार्ट मीटर कंट्रोम रूम को सिग्नल भेज देगा. इसके बाद निगम की टीम इसे दुरूस्त करने में जुट जाएगा. -बिजली उपभोक्ता अपने प्रतिदिन बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे. इसके बाद उपभोक्ता अपना मासिक बिल और बिजली खपत की प्लानिंग कर सकते हैं. -सारी व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी. इससे व्यवस्था पारदर्शी रहेगी. आम उपभोक्ता अपनी सारी जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं. [wpse_comments_template]

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